भाजपा ने गुजरात के लोगों पर खरगे की टिप्पणियों की निंदा की
नई दिल्ली, 07 अप्रैल (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने गुजरात के निवासियों के बारे में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की कथित टिप्पणियों की कड़ी निंदा करते हुए इसे आपत्तिजनक बताया है। भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं सांसद रविशंकर प्रसाद ने यहां पार्टी मुख्यालय में मंगलवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा कि खरगे की यह टिप्पणी कि गुजराती अशिक्षित हैं, शर्मनाक और बेहद निंदनीय है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष ने सारी मर्यादा त्याग दी है। प्रसाद ने कहा कि गुजरात की साक्षरता दर 82 प्रतिशत है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इसमें महत्वपूर्ण सुधार हुआ है। उन्होंने मांग की कि खरगे को गुजरात की जनता से माफी मांगनी चाहिए।
प्रसाद ने कहा कि एक राष्ट्रीय पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा एक पूरे प्रदेश को अनपढ़ कहने का मतलब क्या है। खरगे जी को बताना चाहिए कि आप क्या गांधी जी, सरदार पटेल, विक्रम साराभाई, मोरारजी देसाई... अनपढ़ थे? जिस पावन गुजरात की भूमि ने कई महापुरुषों को जन्म दिया, गांधी जी, सरदार पटेल, विक्रम साराभाई, मोरारजी देसाई... वहां पैदा हुए और देश के लिए इतना काम किया, उसे आप अनपढ़ बता रहे हैं। गुजरात, जो कई महान हस्तियों की जन्मभूमि रहा है, उसे कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा “अनपढ़” कहा जाना बेहद आपत्तिजनक है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा भी इस बयान से सहमत हैं।
भाजपा नेता प्रसाद ने कांग्रेस पर देश को बांटने की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि आखिर कांग्रेस को क्या हो गया है। खरगे जी का दूसरा वक्तव्य तो और भी आपत्तिजनक है। खरगे ने असम में कहा था कि अगर कोई जहरीला सांप आपके सामने से गुजर रहा है और आप नमाज भी पढ़ रहे हैं, तो नमाज छोड़कर उस जहरीले सांप को मारो, ऐसा कुरान में कहा गया है। और मैं यही कहूंगा कि अगर आपको नमाज छोड़नी पड़े तो परवाह नहीं यह जहरीला सांप हैं- संघ और भाजपा, अगर आप इसको नहीं मारेंगे तो आप कभी नहीं बच पाएंगे।
प्रसाद ने पूछा कि ये कौन सी भाषा है? इस तरह के बयान से देश में सांप्रदायिक तनाव पैदा कर रहे हैं। देश के अल्पसंख्यक समाज को उकसा रहे हैं और उनकी धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। इस पर सोनिया गांधी को जवाब देना चाहिए कि क्या वे अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष की टिप्पणी से सहमत हैं? प्रियंका को जवाब देना चाहिए कि क्या वह इससे सहमत हैं? उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की अगर समझदारी बनती है, तो इससे खुद को अलग करें, भर्त्सना करें और माफी मंगवाएं।
--------------
हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी

