home page

एनसीआर में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए जन-भागीदारी जरूरी: भूपेन्द्र यादव

 | 
एनसीआर में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए जन-भागीदारी जरूरी: भूपेन्द्र यादव


-63 शहरों के मेयरों के साथ पहली बार किया बड़ा संवाद

नई दिल्ली, 07 सितंबर (हि.स.)। केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा है कि दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए जमीनी स्तर पर जनता की भागीदारी सबसे जरूरी है।

सोमवार को दिल्ली में आयोजित एक विशेष संवाद में एनसीआर के 63 शहरों के मेयर और नगर निकायों के जनप्रतिनिधि शामिल हुए। मंत्रालय की ओर से स्थानीय निकायों के साथ वायु प्रदूषण पर यह अपनी तरह की पहली इतनी बड़ी बैठक थी।

बैठक में मंत्री ने कहा कि नगर निकाय ही प्रदूषण से निपटने के लिए पहली कड़ी है। उनके प्रयासों से बड़े स्तर पर बदलाव आ सकता है।

वायु प्रदूषण को रोकने के लिए वैज्ञानिक और डेटा पर आधारित तरीकों को अब वार्ड स्तर तक पहुंचाना होगा।

उन्होंने कहा कि सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट नियम 2026 और कंस्ट्रक्शन एंड डिमोलिशन वेस्ट मैनेजमेंट नियम 2025 को जमीन पर सख्ती से लागू करना होगा।

उन्होंने कहा कि धूल के प्रदूषण को रोकने के लिए सड़कों के किनारे स्थानीय और सूखा-रोधी घास के पौधे लगाने चाहिए।

प्लास्टिक के इस्तेमाल, कचरा जलाने और अवैध उद्योगों से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए जन-प्रतिनिधियों को आगे आना होगा।

यादव ने बताया कि केंद्र सरकार ने अब तक दिल्ली-एनसीआर के नगर निकायों के साथ 25 से ज्यादा समीक्षा बैठकें की हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग बनाया गया है, जो इस काम में पूरी तकनीकी मदद देगा।

बैठक के अंत में केंद्रीय मंत्री ने सभी जनप्रतिनिधियों को स्वच्छ हवा के लिए शपथ दिलाई।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी