(अपडेट) भाेपाल की ट्विशा शर्मा मौत प्रकरण : हाई कोर्ट के आदेश पर दिल्ली एम्स की टीम करेगी दोबारा पोस्टमार्टम, फरार पति करेगा सरेंडर
सीबीआई जांच को मप्र सरकार की मंजूरी, पूर्व जज सास की जमानत पर सोमवार को सुनवाई
भोपाल/जबलपुर, 22 मई (हि.स.)। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल की चर्चित एक्ट्रेस और मॉडल ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत मामले में शुक्रवार को कई बड़े घटनाक्रम हुए। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने दाेबारा पाेस्टमार्टम दिल्ली एम्स की टीम से कराने के निर्देश दिए। दूसरी ओर राज्य सरकार ने
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपने के लिए सहमति दे दी है। एक अन्य घटनाक्रम में आराेपित पति ने उच्च न्यायालय से अपनी अग्रिम जमानत याचिका वापस ले ली है।
मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय में शुक्रवार काे हुई सुनवाई के दौरान मृतका के पिता नवनिधि शर्मा की ओर से दोबारा पोस्टमार्टम की मांग पर सुनवाई
हुई। परिवार का आरोप था कि पहली पोस्टमार्टम प्रक्रिया में कई महत्वपूर्ण पहलुओं की अनदेखी हुई है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए न्यायालय ने आदेश दिया कि दिल्ली एम्स के निदेशक विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक टीम गठित करेंगे, जो भोपाल आकर ट्विशा शर्मा के शव का दोबारा पोस्टमार्टम करेगी। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि नई पोस्टमार्टम रिपोर्ट सीधे सीलबंद लिफाफे में अदालत के समक्ष पेश की जाएगी। शव की स्थिति को देखते हुए अदालत ने पुलिस और एम्स प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि शव को सुरक्षित रखा जाए, ताकि फॉरेंसिक साक्ष्य प्रभावित न हों। न्यायालय ने पोस्टमार्टम की पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराने और रिपोर्ट को सीलबंद लिफाफे में पेश करने के निर्देश दिए हैं।
सीबीआई जांच को मिली मंजूरी
ट्विशा शर्मा केस में लगातार उठ रहे सवालों और निष्पक्ष जांच की मांग के बीच मध्य प्रदेश सरकार ने मामले की सीबीआई जांच के लिए सहमति दे दी है। गृह विभाग ने इस संबंध में जारी पत्र में कहा गया है कि कटारा हिल्स थाने में दर्ज अपराध क्रमांक 133/2026 की जांच अब केंद्रीय एजेंसी को सौंपी जाएगी। इससे पहले 20 मई को ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा ने रिटायर्ड सैनिकों के साथ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात कर मामले की निष्पक्ष जांच और सीबीआई जांच की मांग उठाई थी। मुख्यमंत्री ने परिवार को हरसंभव सहायता और निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया था।
द्विशा के पति समर्थ ने वापस ली अग्रिम जमानत याचिका
मामले के मुख्य आरोपित और ट्विशा के पति समर्थ सिंह ने शुक्रवार काे उच्च न्यायालय में दायर अपनी अग्रिम जमानत याचिका वापस ले ली। उसके वकील मृगेंद्र सिंह ने न्यायालय में कहा कि समर्थ अब जिला अदालत या पुलिस के समक्ष सरेंडर करेगा। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि एक फरार आरोपित को “विशेष राहत” नहीं दी जा सकती और पुलिस को उससे पूछताछ के लिए हिरासत की आवश्यकता है।
इस मामने में पुलिस समर्थ सिंह की तलाश में लगातार दबिश दे रही है और उस पर 30 हजार रुपये का इनाम भी घोषित कर दिया है।
पूर्व जज गिरिबाला सिंह की बढ़ीं मुश्किलें
मामले में आरोपित ट्विशा की सास और पूर्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह की मुश्किलें भी बढ़ती नजर आ रही हैं। पुलिस ने दावा किया है कि उन्हें जांच में सहयोग के लिए तीन नोटिस जारी किए गए, लेकिन उन्होंने अब तक बयान दर्ज नहीं कराए। राज्य सरकार ने उनकी जमानत निरस्त कराने के लिए उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की है। इस मामले में सोमवार को सुनवाई होगी। उधर, खाद्य एवं नागरिक उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने भी गिरिबाला सिंह के खिलाफ विभागीय जांच शुरू करने के निर्देश दिए हैं। वे वर्तमान में जिला उपभोक्ता आयोग से जुड़ी जिम्मेदारी संभाल रही हैं।
परिवार का आरोप- “सबूत मिटाए जा रहे”
ट्विशा शर्मा के पिता नवनिधि शर्मा और चाचा लोकेश शर्मा ने पुलिस और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पिता शर्मा ने आरोप लगाए हैं कि समर्थ जुलाई 2023 से अगस्त 2025 तक मध्य प्रदेश सरकार में लीगल एडवाइजर के तौर पर काम कर चुका है। वह फरारी के दौरान केस को प्रभावित कर रहा है। ट्विशा शर्मा के पिता ने पुलिस कमिश्नर संजय सिंह को पत्र लिखकर कटारा हिल्स थाना प्रभारी सुनील दुबे को हटाने की मांग भी की है। परिवार का कहना है हमसे शव के सुपुर्दगीनामा पर जबरन साइन कराए गए, जबकि हमने बॉडी ली ही नहीं थी। एफआईआर दर्ज करने में भी लेटलतीफी की गई। पुलिस की ओर से कहा गया कि बॉडी की सुपुर्दगी लेने के बाद ही एफआईआर दर्ज होगी। शर्मा का आरोप है कि पुलिस शुरुआत से ही एक पक्ष बनकर काम कर रही है, लेकिन हम अपनी मांगों से पीछे नहीं हटेंगे। परिवार ने आरोप लगाया कि आरोपी पक्ष प्रभावशाली होने के कारण जांच प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है।
पुलिस कमिश्नर बोले- जांच हाे रही निष्पक्ष
भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि जांच पूरी निष्पक्षता और गंभीरता से की जा रही है। उन्होंने कहा कि सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है। कमिश्नर ने बताया कि समर्थ सिंह की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और जरूरत पड़ने पर संपत्ति कुर्की जैसी कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
क्या है पूरा मामला?
उल्लेखनीय है कि 33 वर्षीय मॉडल और एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स स्थित अपने ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटकी मिली थीं। मृतका के परिवार ने पति समर्थ सिंह, सास गिरिबाला सिंह और ससुराल पक्ष पर दहेज प्रताड़ना तथा आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप लगाए हैं। मामला सामने आने के बाद से पूरे प्रदेश में इसे लेकर राजनीतिक और सामाजिक चर्चा हो रही है। अब न्यायालय के निर्देश, सीबीआई जांच और दोबारा पोस्टमार्टम के आदेश के बाद यह केस और अधिक संवेदनशील तथा हाई-प्रोफाइल बन गया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे

