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भारत टैक्सी की रोजाना 11,106 यात्राएं, दिल्ली-एनसीआर में सबसे ज्यादा 5,574 राइड, 8.48 लाख चालक जुड़े

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भारत टैक्सी की रोजाना 11,106 यात्राएं, दिल्ली-एनसीआर में सबसे ज्यादा 5,574 राइड, 8.48 लाख चालक जुड़े


नई दिल्ली, 12 अगस्त (हि.स.)। सहकारी आधारित डिजिटल परिवहन मंच भारत टैक्सी पर रोजाना औसतन 11,106 यात्राएं हो रही हैं। इनमें सबसे अधिक 5,574 यात्राएं दिल्ली-एनसीआर में दर्ज की जा रही हैं, जबकि गुजरात में रोजाना 3,817 यात्राएं हो रही हैं। चार अगस्त तक मंच से 8.48 लाख चालक और 44.27 लाख ग्राहक जुड़ चुके हैं तथा चालकों की कुल कमाई 83.70 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है।

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने बुधवार को राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी। भारत टैक्सी का संचालन सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड (एसटीसीएल) द्वारा किया जा रहा है। यह बहुराज्यीय सहकारी समिति के रूप में काम करने वाला डिजिटल परिवहन मंच है।

इस साल चार अगस्त तक भारत टैक्सी पर दिल्ली-एनसीआर में रोजाना औसतन 5,574 यात्राएं, गुजरात में 3,817, पुणे में 632, लखनऊ में 324, जयपुर में 372, मुंबई में 197 और चंडीगढ़ में 190 यात्राएं दर्ज की गईं। इन शहरों में कुल औसत दैनिक यात्राओं की संख्या 11,106 है।

भारत टैक्सी का देशभर में विस्तार चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है। इसके तहत चालकों का पंजीकरण, उन्हें मंच से जोड़ना, ग्राहकों का पंजीकरण, प्रशिक्षण और चिन्हित शहरों एवं राज्यों में सेवाओं का विस्तार शामिल है।

सरकार के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर, गुजरात, महाराष्ट्र और राजस्थान समेत कई राज्यों एवं शहरों में भारत टैक्सी की सेवाएं शुरू हो चुकी हैं। अन्य शहरों और राज्यों में विस्तार परिचालन संबंधी जरूरतों और आवश्यक मंजूरियों के आधार पर किया जाएगा।

विस्तार के लिए परिचालन की तैयारी, चालकों की उपलब्धता, जरूरी कानूनी औपचारिकताएं पूरी होना तथा संबंधित राज्य सरकारों, सहकारी संस्थाओं और अन्य पक्षों के साथ समन्वय जैसे पहलुओं को ध्यान में रखा जा रहा है।

मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि भारत टैक्सी और यात्री साथी अलग-अलग परिवहन मंच हैं और दोनों अलग संस्थागत ढांचे के तहत संचालित होते हैं। भारत टैक्सी का संचालन सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड द्वारा बहुराज्यीय सहकारी समिति अधिनियम, 2002 के तहत किया जाता है।

वहीं, यात्री साथी पश्चिम बंगाल सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग द्वारा विकसित और संचालित परिवहन मंच है। दोनों के बीच सहयोग के लिए इस साल 19 जुलाई को एसटीसीएल और पश्चिम बंगाल सरकार के बीच समझौता ज्ञापन हुआ है। इसके तहत भारत टैक्सी चालक पंजीकरण, सहकारी सदस्यता, चालकों के कल्याण और लोगों तक जानकारी पहुंचाने के क्षेत्र में सहयोग करेगा।

एक अन्य प्रश्न के उत्तर में शाह ने बताया कि भारत टैक्सी ने चालकों की आय को स्थिर रखने और उनके हितों को प्राथमिकता देने के लिए सहकारी मॉडल अपनाया है। इसके तहत चालकों के लिए शून्य-कमीशन व्यवस्था, बिना छिपे शुल्क के पारदर्शी और स्पष्ट किराया ढांचा तथा सदस्यता आधारित व्यवस्था लागू की गई है। इसके अलावा चालक सदस्यों के लिए बीमा और अन्य सामाजिक सुरक्षा एवं कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने की व्यवस्था भी की जा रही है। भारत टैक्सी का संचालन बहुराज्यीय सहकारी समिति अधिनियम, 2002 और उसके पंजीकृत उपनियमों के तहत होता है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि भारत टैक्सी के विस्तार के लिए उसे कोई वित्तीय सहायता नहीं दी गई है।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार