बेटे व बेटी की धारदार हथियार से हत्या कर महिला ने लगाई फांसी, घटना से इलाके में हड़कंप

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अमेठी जिले के शिवरतनगंज थाना क्षेत्र के कुकहा गांव में एक महिला ने अपने 2 मासूम बच्चों की पहले धारदार हथियार से हत्या की फिरखुद भी फांसी लगा ली. मिली जानकारी के अनुसार इस घटना का आज मंगलवार सुबह खुलासा हुआ तो गांव में हड़कंप मच गया. विदित है कि पुलिस इस मामले की छानबीन में जुटी है. मिली जानकारी के अनुसार गांव निवासी धर्मराज पासी उर्फ धरमू लखनऊ में रहकर मजदूरी करता है. घर पर उसकी मां ननकाव पत्नी शीतला देई के अलावा 4 साल की पुत्री निधि व ढाई साल का पुत्र रितेश रहते थे. बीते सोमवार रात सभी भोजन कर सोने चले गए. सुबह जब घर का दरवाजा नहीं खुला तो सास ननका ने ग्रामीणों से मदद की गुहार लगाई। गांव वाले तत्काल मौके पर पहुंचे. आवाज लगाने पर अंदर से दरवाजा नहीं खुला तो ग्राम प्रधान की उपस्थिति में कमरे का दरवाजा तोड़ा गया. विदित है कि दरवाजा टूटते ही अंदर का दृश्य देखकर सभी लोग भयभीत हो गए. अंदर का दृश्य बहुत भयावह था, दोनों मासूमों का शव जमीन पर खून से लथपथ पड़ा था. मृतिका शीतला देई (28) भी रस्सी के सहारे फांसी के फंदे से लटक रही थी. दोनों बच्चों की गर्दन कटी हुई थी. तत्काल शिवरतनगंज पुलिस को सूचना दी गई. घटनास्थल पर पहुंचे थानाध्यक्ष शिवरतनगंज अमरेंद्र सिंह ने शव को फंदे से नीचे उतरवाया. घटनास्थल पर भारी पुलिस बल तैनात है. गांव में सनसनी के साथ मातम का माहौल बना हुआ है. विदित है कि पुलिस ने सभी शवों को कब्जे में ले लिया है. प्राप्त जानकारी के अनुसार महिला का पति धर्मराज उर्फ धरमू लखनऊ में प्राइवेट ड्राइवरी करता है. धरमू का दूसरा भाई आशाराम भी उसके साथ ही रहता है. वह भी लखनऊ में काफी दिनों से रहता है. बताते हैं कि धर्मराज 5 वर्ष पहले पड़ोस के रामपुर गांव से शीतला देई से प्रेम विवाह कर लाया था. इस घटना की सूचना मिलते ही SP डॉ. इलामारन जी भी मौके पर पहुंचे हैं. SP डॉ. इलामारन जी का कहना है कि प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत हो रहा है कि महिला ने अपने दोनों बच्चों को पहले मौत के घाट उतारने के बाद स्वयं फांसी के फंदे पर झूलकर जान दी है. बावजूद इसके घटना से जुड़े हर पहलू की बारीकी के साथ जांच की जा रही है. तथ्यों के आधार पर इस केस में अग्रिम कार्रवाई की जाएगी.