बठिंडा थर्मल प्लांट की चारों यूनिट बंद, बिजली उत्पादन को लेकर बढ़ी चिंता
- फ्लाई
ऐश जमा होने और ठेका कर्मचारियों की हड़ताल के कारण संचालन प्रभावित
बठिंडा, 22 जून (हि.स.)।
भीषण गर्मी और धान की रोपाई के सीजन के बीच बठिंडा जिले के लहरा मोहब्बत स्थित 920
मेगावाट क्षमता वाले गुरु हरगोबिंद
थर्मल प्लांट (जीएचटीपी) की चारों यूनिट बंद हो गई हैं। इससे राज्य में बिजली उत्पादन को लेकर
चिंता बढ़ गई है।
जीएचटीपी के एक वरिष्ठ
अधिकारी ने बताया कि प्लांट
में करीब 500 नियमित
कर्मचारी हैं, जिनमें
से लगभग आधे कर्मचारी क्लेरिकल काम से जुड़े हुए हैं। एक यूनिट 17 जून
को बंद हुई थी, जबकि
दो अन्य यूनिट 19 जून
को बंद की गईं। रविवार को चौथी यूनिट भी फ्लाई ऐश के भारी जमाव के कारण बंद करनी पड़ी। थर्मल
प्लांट में करीब 1,800 ठेका
कर्मचारी इस समय हड़ताल पर हैं। सभी यूनिट बंद होने के बाद प्लांट प्रबंधन ने
फ्लाई ऐश हटाने और संचालन दोबारा शुरू करने के लिए अतिरिक्त मैनपावर की मांग की
है।
जीएचटीपी
के चीफ इंजीनियर तेज बंसल ने बताया कि 210 मेगावाट क्षमता वाली एक यूनिट को शाम तक चालू करने की उम्मीद
है। उन्होंने कहा कि यह समस्या ठेका कर्मचारियों की हड़ताल के कारण पैदा हुई है।
ठेका कर्मचारी मांग कर रहे हैं कि उन्हें ठेकेदारों के माध्यम से रखने के बजाय
सीधे पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड के अधीन नियुक्त किया जाए। उन्होंने बताया कि
कर्मचारियों का आंदोलन 9 जून
से शुरू हुआ था, जबकि
16 जून से सभी ठेका
कर्मचारी हड़ताल पर चले गए। तेज बंसल के अनुसार 250 मेगावाट क्षमता वाली चौथी यूनिट को
रविवार को इसलिए बंद करना पड़ा, क्योंकि
यूनिट बंद किए बिना फ्लाई ऐश हटाना संभव नहीं था। उन्होंने कहा कि टीमें संचालन
बहाल करने में जुटी हुई हैं और उम्मीद है कि एक और यूनिट शाम तक चालू हो जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / GURSHARAN SINGH

