पश्चिम बंगालः चुनाव आयोग ने बासंती हिंसा पर डीजीपी से मांगी रिपोर्ट
दक्षिण 24 परगना (पश्चिम बंगाल) , 27 मार्च (हि.स.)। राज्य में चुनावी शोर के बीच दक्षिण 24 परगना के बासंती में पुलिस पर हमले की घटना में गुरुवार शाम तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए चुनाव आयोग ने राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। यह हिंसा ा उस समय हुई जब भाजपा उम्मीदवार विकास सरदार इलाके में प्रचार कर रहे थे। इसी दौरान कुछ हमलावरों ने लाठी-डंडों और बांस से अचानक हमला कर दिया। हालात काबू में करने पहुंची पुलिस टीम भी हमले का शिकार हो गई।
हमले में सब-इंस्पेक्टर सौरभ गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें दौड़ाकर पीटा गया और सड़क पर गिरने के बाद सिर पर वार किया गया, जिससे उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। इसके अलावा पांच अन्य कांस्टेबल भी जख्मी हुए हैं। स्थिति बिगड़ने पर कैनिंग, बासंती और गोसाबा कोस्टल थानों से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया। साथ ही एडिशनल एसपी भी मौके पर पहुंचे और बाद में केंद्रीय बलों की तैनाती की गई।
इस पूरे घटनाक्रम पर चुनाव आयोग ने कड़ा रुख अपनाते हुए कई सवाल उठाए हैं। आयोग ने पूछा है कि केंद्रीय बलों की तैनाती में देरी क्यों हुई, केवल दो सेक्शन बल ही क्यों लगाए गए और इंटेलिजेंस इनपुट में चूक कैसे हुई। इन सभी बिंदुओं पर डीजीपी से जवाब मांगा गया है।
भाजपा ने आरोप लगाया है कि गिरफ्तार सभी आरोपित तृणमूल कांग्रेस से जुड़े हुए हैं। वहीं तृणमूल कांग्रेस का कहना है कि चुनाव के दौरान पुलिस पूरी तरह से आयोग के अधीन होती है, इसलिए किसी भी घटना की जिम्मेदारी आयोग की बनती है। फिलहाल, अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि राज्य पुलिस प्रशासन चुनाव आयोग को क्या जवाब देता है और आगे इस मामले में क्या कार्रवाई होती है।
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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय पाण्डेय

