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एनएच-927 से भारत-नेपाल व्यापार को मिलेगी रफ्तार, असर का विस्तृत आकलन जारी

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एनएच-927 से भारत-नेपाल व्यापार को मिलेगी रफ्तार, असर का विस्तृत आकलन जारी


नई दिल्ली, 11 अप्रैल (हि.स.)। केंद्र सरकार ने बाराबंकी-बहराइच हाई-वे परियोजना को लेकर भारत-नेपाल व्यापार पर पड़ने वाले प्रभाव का विस्तृत आकलन जारी किया है। इसमें राष्ट्रीय राजमार्ग-927 का यह खंड सीमा पार व्यापार के लिए प्रमुख लाइफलाइन के रूप में उभरने का अनुमान लगाया गया है।

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अनुसार इस राजमार्ग के जरिए रूपईडीहा लैंड पोर्ट तक कनेक्टिविटी तेज और अधिक विश्वसनीय होगी। इससे नेपाल के नेपालगंज मार्ग पर माल ढुलाई में वृद्धि की संभावना जताई गई है। परियोजना पूरी होने पर बाराबंकी से बहराइच के बीच यात्रा समय लगभग 150 मिनट से घटकर 75 मिनट रह जाएगा। औसत गति 40 किमी प्रति घंटा से बढ़कर 80 किमी प्रति घंटा हो जाएगी। इससे विशेष रूप से सब्जियां और डेयरी जैसे नाशवंत उत्पादों के नुकसान में कमी आएगी।

केंद्र ने अनुमान जताया है कि इस कॉरिडोर के जरिए खाद्यान्न, दवाइयों और उपभोक्ता वस्तुओं की सप्लाई अधिक सुचारू होगी। अतीत में सीमा पर जाम और देरी के कारण आपूर्ति प्रभावित होती रही है, जिससे व्यापारियों को करोड़ों का नुकसान उठाना पड़ता था। रूपईडीहा क्षेत्र में ट्रकों की आवाजाही बढ़ने की संभावना है, जिससे लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग और ट्रांसपोर्ट सेक्टर में नए अवसर पैदा होंगे।

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 18 मार्च को इसे मंजूरी दी थी। उसे 4-लेन एक्सेस कंट्रोल हाई-वे के रूप में राष्ट्रीय राजमार्ग-927 के तहत विकसित की जानी है। भारत और नेपाल के बीच भूमि आधारित व्यापार दक्षिण एशिया में सबसे सक्रिय है। नेपाल के कुल व्यापार का 60 प्रतिशत से अधिक हिस्सा भारत के साथ होता है। रूपईडीहा-नेपालगंज सीमा मार्ग इस व्यापार का प्रमुख केंद्र है, जहां से खाद्यान्न, सब्जियां, डेयरी उत्पाद, दवाइयां और अन्य आवश्यक वस्तुएं बड़ी मात्रा में भेजी जाती हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर