home page

(अपडेट) बंगाल में एनआईए की छापेमारी, आतंकी कनेक्शन के आरोप में चार गिरफ्तार

 | 

- जेएमबी के नेटवर्क और ‘इमाम महमूदुर काफिला’ मॉड्यूल की जांच तेज

कोलकाता, 29 सितंबर (हि.स.)। पश्चिम बंगाल में आतंकी कनेक्शन नेटवर्क को लेकर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई की। एजेंसी ने राज्य में अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी और तलाशी अभियान चलाते हुए कुल चार लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें पूर्व बर्दवान के मंगलकोट के पलिशग्राम स्थित एक मस्जिद के इमाम पियार मोहम्मद शेख भी शामिल हैं।

एनआईए की कार्रवाई के दौरान गिरफ्तार किए गए अन्य तीन लोगों की पहचान जुम्मन शेख, शाहरुल पुरकैत और अब्दुल रफीक के रूप में हुई है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार जुम्मन शेख को मिथापुकुर, शाहरुल पुरकैत को बलरामपुर और अब्दुल रफीक को दक्षिण 24 परगना के नरेंद्रपुर इलाके से गिरफ्तार किया गया। जुम्मन पेशे से दर्जी बताया जा रहा है।

पियार मोहम्मद शेख पूर्व बर्दवान के मंगलकोट थाना क्षेत्र के पलिशग्राम पूर्वपाड़ा स्थित मस्जिद में करीब तीन वर्षों से इमाम के रूप में काम कर रहा था। एनआईए की टीम मंगलवार तड़के करीब साढ़े चार बजे स्थानीय पुलिस के साथ मस्जिद पहुंची और पूछताछ के बाद उसे हिरासत में लिया। बाद में उसे गिरफ्तार किया गया। उसके कमरे से एक डायरी और मोबाइल फोन जब्त किए जाने की जानकारी सामने आई है। जांचकर्ताओं को डायरी में कुछ बांग्लादेशी फोन नंबर मिलने की बात भी सामने आई है।

रिपोर्टों के मुताबिक पियार मोहम्मद का मूल घर पूर्व बर्दवान के मंतेश्वर थाना क्षेत्र के कुलुट गांव में है। उसके बांग्लादेश आने-जाने की जानकारी भी जांच के दायरे में है। हालांकि, उसके खिलाफ लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।

एनआईए की मंगलवार की कार्रवाई कथित तौर पर बांग्लादेश स्थित प्रतिबंधित आतंकी संगठन जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश (जेएमबी) से जुड़े एक कथित नेटवर्क की जांच का हिस्सा है। ताजा जांच में जेएमबी से जुड़े कथित संगठन ‘इमाम महमूदुर काफिला’ (आईएमके) की गतिविधियों पर भी एजेंसी का ध्यान है। एनआईए के अनुसार आईएमके को जेएमबी का एक कथित ऑफशूट माना जा रहा है।

मंगलवार को एनआईए ने पश्चिम बंगाल में पांच स्थानों समेत असम और केरल में कुल 16 ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई असम में दर्ज एक मामले से जुड़ी बताई गई है। एनआईए पहले ही इस मामले में 11 आरोपितों के खिलाफ गुवाहाटी की विशेष अदालत में आरोपपत्र दाखिल कर चुकी है। आरोपों में युवाओं को कथित रूप से कट्टरपंथ की ओर ले जाने और संगठन का नेटवर्क फैलाने की साजिश शामिल है।

जांच एजेंसी के अनुसार, असम में एक संदिग्ध की गिरफ्तारी और पूछताछ के दौरान पश्चिम बंगाल में सक्रिय कथित मॉड्यूल के बारे में जानकारी मिली थी। इसके बाद मिले दस्तावेजों और अन्य सुरागों के आधार पर बंगाल में मंगलवार को एक साथ कई स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया गया।

एनआईए की जांच में कथित तौर पर यह भी सामने आया है कि आईएमके/जेएमबी नेटवर्क के सदस्य गुप्त बैठकें, कथित वैचारिक प्रशिक्षण, डिजिटल माध्यमों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर संगठन का विस्तार करने की कोशिश कर रहे थे। एजेंसी ने इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड को जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य बताया है।

फिलहाल एनआईए गिरफ्तार चारों आरोपितों से पूछताछ कर कथित नेटवर्क की कड़ियों, आपसी संपर्क और बंगाल में इसकी गतिविधियों की जानकारी जुटा रही है। जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और गिरफ्तारियां या खुलासे होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा