home page

धारः ऐतिहासिक भोजशाला में 79वें दिन भी जारी रहा एएसआई का सर्वे

 | 
धारः ऐतिहासिक भोजशाला में 79वें दिन भी जारी रहा एएसआई का सर्वे
धारः ऐतिहासिक भोजशाला में 79वें दिन भी जारी रहा एएसआई का सर्वे


धारः ऐतिहासिक भोजशाला में 79वें दिन भी जारी रहा एएसआई का सर्वे


- पश्चिम-उत्तर के ट्रेंच का नक्शा बनाया, पुराने अवशेषों की हुई क्लीनिंग और ब्रशिंग

भोपाल, 08 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ के आदेश पर धार की ऐतिहासिक भोजशाला में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) विभाग का सर्वे शनिवार को 79वें दिन भी जारी रहा। एएसआई के 18 अधिकारियों की टीम 17 श्रमिकों के साथ सुबह आठ बजे भोजशाला परिसर में पहुंची और शाम पांच बजे बाहर आई। यहां टीम ने आधुनिक उपकरणों के जरिए वैज्ञानिक पद्धति से करीब नौ घंटे काम किया। सर्वे टीम के साथ हिंदू पक्ष के गोपाल शर्मा, आशीष गोयल और मुस्लिम पक्ष के अब्दुल समद खान भी मौजूद रहे।

ज्ञानवापी की तर्ज पर जारी एएसआई सर्वे के 79वें दिन भोजशाला के पश्चिम-उत्तर दिशा में कोने में बनी ट्रेंच का नक्शा बनाया गया और इसके बाद उस ट्रेंच को मिट्टी डालकर बंद कर दिया गया। वहीं, उत्तरी भाग में मिट्टी हटाने का काम किया गया। यहां से टीम को पांच पाषाण अवशेष प्राप्त हुए हैं, जिन्हें सर्वे टीम ने अपने संरक्षण में लिया है। वहीं गर्भगृह में खंभों की चित्रकारी की गई। इसके अलावा पुराने अवशेषों की क्लीनिंग-ब्रशिंग के साथ फोटोग्राफी-वीडियोग्राफी भी की गई।

शनिवार को धार में अचानक हुई बारिश के कारण भोजशाला के आसपास की मिट्टी अब गिली हो गई थी, इसीलिए आज मजदूरों को कम संख्या में बुलाया गया था। बारिश के कारण किसी भी प्रकार की दिक्कत न हो, इसको लेकर भी व्यापक स्तर पर इंतजाम किए गए थे।

सर्वे टीम के साथ मौजूद रहे हिन्दू पक्षकार गोपाल शर्मा ने बताया कि ट्रेंच में से पहले पानी साफ किया गया, फिर पश्चिम उत्तर के कोने में बनी हुई ट्रेंच का नक्शा बनाया गया। उत्तरी भाग में जो मिट्टी हटाने का काम किया गया था, उसमें पांच अवशेष प्राप्त हुए हैं। सर्वे टीम ने उन्हें अपने संरक्षण में लिया है। इसके साथ ही खम्भों और दीवारों के पत्थर पर आकृतियां बनी हुई है, जिसे एएसआई की टीम ने अपने संरक्षण में लिया। गर्भगृह में खंभों की चित्रकारी की गई है, जिसकी फाइनल टचिंग चल रही है।

वहीं, मुस्लिम पक्षकार अब्दुल समद ने बताया कि आज उत्तरी और पश्चिम भाग में कॉर्नर पर बनी ट्रेंच में भराव का काम किया गया। लगभग उसका काम पूरा कर लिया गया है। कल उसका भराव भी पूरा कर लिया जाएगा। उत्तर दिशा में खोदी गई ट्रेंच को भरा गया है। मिट्टी से मिले पुराने अवशेष की क्लीनिंग-ब्रशिंग की गई है। बारिश होने के कारण आज खुदाई का काम बंद रहा।

हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश/प्रभात