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छात्र शक्ति की सुनामी से मोदी सरकार बैकफुट पर : शत्रुघ्न सिन्हा

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छात्र शक्ति की सुनामी से मोदी सरकार बैकफुट पर : शत्रुघ्न सिन्हा


आसनसोल, 02 अगस्त (हि.स.)। तृणमूल कांग्रेस नेता एवं आसनसोल के सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने संसद की कार्यवाही, विपक्ष के आंदोलन और सांसदों के दल बदल को लेकर केंद्र सरकार तथा नेशनल सिटीजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआइ) पर तीखा हमला बोला। रविवार शाम आसनसोल के एक गेस्ट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि देश में छात्र शक्ति और युवा वर्ग का एक बड़ा जनसैलाब खड़ा हो गया है, जिसके दबाव में मोदी सरकार बैकफुट पर आ गई है।

शत्रुघ्न सिन्हा ने आरोप लगाया कि संसद की कार्यवाही प्रभावित होने के पीछे सरकार की नीतियां जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि सत्ता पक्ष ने सांसदों की खरीद-फरोख्त करने की कोशिश की और जांच एजेंसियों का डर दिखाकर तथा लालच देकर कई सांसदों को दूसरी पार्टी में शामिल कराया गया।

उन्होंने कहा कि यह मानना मुश्किल है कि सांसद अचानक वैचारिक परिवर्तन के कारण दल बदलकर चले गए।

हालांकि उन्होंने सीधे तौर पर किसी को गद्दार नहीं कहा, लेकिन उन्होंने स्वीकार किया कि उनकी पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने दल बदलने वालों के लिए ऐसे शब्दों का इस्तेमाल किया है।

उन्होंने कहा कि जो नेता तृणमूल कांग्रेस में बने हुए हैं, उनका राजनीतिक और संसदीय रिकॉर्ड बेदाग है। उन्होंने विशेष रूप से कल्याण बनर्जी, सौगत राय, महुआ मोइत्रा और कीर्ति आज़ाद जैसे नेताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि ये सभी अनुभवी और मजबूत सांसद हैं, जो पार्टी के साथ मजबूती से खड़े हैं।

सांसद ने कहा कि एक ओर कुछ मामलों की सुनवाई अदालत में चल रही है, वहीं दूसरी ओर तृणमूल कांग्रेस के कई सांसद एनसीपीआइ में चले गए हैं, लेकिन संसद के भीतर उनकी स्थिति को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कहीं ऐसा न हो कि वे न इधर के रहें, न उधर के।

उन्होंने कहा कि छात्र-युवा आंदोलन और विपक्ष के दबाव का ही परिणाम है कि शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना पड़ा और अब अन्य मंत्रियों के इस्तीफे की भी चर्चा शुरू हो गई है।सरकार पूरी तरह दबाव में है और संसद सुचारु रूप से नहीं चल पा रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा