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चार दिन पहले गिरफ्तार तीन ओवरग्राउंड वर्करों के लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े थे तार

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राजौरी, 18 सितंबर (हि.स.)। जम्मू-कश्मीर में राजौरी पुलिस ने 4 दिन पहले गिरफ्तार किए गए 3 आतंकी मददगारों को लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा बताया है। तीनों आरोपित आतंकियों को पनाह देने के साथ उन्हें एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने में मदद करते थे। इनके ठिकानों पर छापेमारी के दौरान एक पिस्तौल, मैगजीन, गोलियां और 2 चीनी ग्रेनेड भी मिले।

पुलिस ने शुक्रवार को बताया कि प्रतिबंधित लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े तीनों गिरफ्तार ओवरग्राउंड वर्कर कई वर्षों से सक्रिय थे और उन पर जम्मू क्षेत्र के राजौरी-रियासी से दक्षिण कश्मीर के शोपियां जिले तक कई आतंकी समूहों की आवाजाही में मदद करने का आरोप है। राजौरी के कोट चरवाल गांव के निवासी मोहम्मद आज़म, ज़ाकिर हुसैन और मोहम्मद मुश्ताक को 14 सितंबर को लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े एक लॉजिस्टिकल सपोर्ट मॉड्यूल का पर्दाफाश होने के बाद गिरफ्तार किया गया था।

पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि मामले की जांच में पता चला है कि 2023 में रियासी जिले के चासाना में मुठभेड़ में मारे गए आतंकवादियों की सहायता करने, उन्हें पनाह देने और उनकी आवाजाही में सुविधा प्रदान करने में उनकी कथित भूमिका भी सामने आई है। प्रवक्ता ने बताया कि उनकी गिरफ्तारी के तुरंत बाद उनके गांव से सटे जंगल से उनके खुलासे पर एक शक्तिशाली इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) बरामद किया गया, जबकि गुरुवार को उनके कहने पर उनके ठिकाने से एक पिस्तौल, एक मैगज़ीन और गोला-बारूद के साथ-साथ दो चीनी ग्रेनेड भी बरामद किए गए।

प्रवक्ता ने कहा कि आतंकवादियों की आवाजाही में गाइड के रूप में काम करने के अलावा हाल ही में राजौरी जिले में हुए कई हाई-प्रोफाइल हमलों से जुड़े आतंकवादियों को जमीनी सहायता प्रदान करने के भी संदिग्ध हैं। प्रवक्ता ने बताया कि हथियार और विस्फोटक आरोपी को सुरक्षित रखने और भविष्य में संभावित हमलों में उनके उपयोग के लिए सौंप दिए गए थे। उन्होंने कहा कि पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने, अतिरिक्त सहयोगियों की पहचान करने और आरोपी व्यक्ति की संलिप्तता की पूरी सीमा का पता लगाने के लिए जांच जारी है।

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हिन्दुस्थान समाचार / बलवान सिंह