home page

नारी शक्ति का सामर्थ्य ही विकसित भारत की शक्तिः अन्नपूर्णा देवी

 | 
नारी शक्ति का सामर्थ्य ही विकसित भारत की शक्तिः अन्नपूर्णा देवी


नई दिल्ली, 08 मार्च (हि.स.)। केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि नारी शक्ति का सामर्थ्य ही विकसित भारत की शक्ति है। आज भारत ‘महिला विकास’ से आगे बढ़कर ‘महिला नेतृत्व वाले विकास’ के युग में प्रवेश कर चुका है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के जेंडर बजट में किया गया 5 लाख करोड़ रुपए से अधिक का ऐतिहासिक आवंटन इसी लक्ष्य को समर्पित हैl सरकार 'होल ऑफ गर्वनमेंट' के विजन के साथ- शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और सुरक्षा जैसे बुनियादी क्षेत्रों में सुधार करके महिलाओं के जीवन को सशक्त बना रही है l

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2026 के अवसर पर रविवार को नई दिल्ली के मानेकशॉ सेंटर में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि आज भारत की आधी आबादी के संकल्प, समर्पण और उपलब्धियों का उत्सव है, जो 'विकसित भारत' की आधारशिला हैं। महिलाओं के समग्र विकास के लिए पूरे जीवन के एप्रोच को अपनाया है। इस यात्रा की शुरुआत बेटी के जन्म और उसकी शिक्षा से होती है। प्रधानमंत्री द्वारा शुरू किए गए, 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' अभियान ने समाज की मानसिकता को बदला है l बेटियों के जन्म को अब उत्सव के रूप में मनाया जा रहा है l

उन्होंने कहा कि विज्ञान, तकनीक और गणित विषयों में बेटियों की 43 प्रतिशत भागीदारी के साथ भारत पूरी दुनिया में सबसे आगे है। मंगल मिशन की सफलता में, हमारी महिला वैज्ञानिकों की उल्लेखनीय भूमिका रही है l इस बार के बजट में, देशभर के सभी जिलों में महिला हॉस्टल की स्थापना से, हमारी बेटियों के लिए नई राहें खुलने जा रही हैं l सरकार द्वारा पोषण अभियान और 'पीएम मातृ वंदना योजना' के अंतर्गत, सुरक्षित मातृत्व से स्वस्थ शिशु जन्म और उसकी देखभाल को सुनिश्चित किया गया है l इसके सुखद परिणाम भी आज देश के सामने हैं। मातृ मृत्यु दर घटकर 97 तक पहुँच गई है।

एक स्वस्थ नारी ही एक समर्थ और विकसित राष्ट्र की निर्माता होती है। हम महिलाओं को गंभीर बीमारियों से बचाने के लिए भी प्रतिबद्ध हैं l इसके लिए, हाल ही में, प्रधानमन्त्री द्वारा सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए 'एचपीवी-टीकाकरण' अभियान भी शुरू किया गया है l

उन्होंने कहा कि संगठित और असंगठित क्षेत्र में महिला सुरक्षा के लिए शी बॉक्स पोर्टल की शुरुआत की गई है l ताकि हमारी बहनें पूरे सम्मान और आत्मविश्वास के साथ कार्यबल में भागीदारी सुनिश्चित कर सकेंl नारी की गरिमा के विरुद्ध अपराध के लिए 'जीरो टोलरेंस पॉलिसी' को अपनाया गया है । पिछले छह वर्षों में कार्यबल में महिलाओं की सहभागिता 22.3 प्रतिशत से बढ़कर 41.7 प्रतिशत हो गया है।

मुद्रा योजना, 'स्टैंड-अप इंडिया' और पीएम स्वनिधि जैसी योजनाएं महिला उद्यमिता को नई ऊंचाइयां प्रदान कर रही हैं।

अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि प्रधानमन्त्री मार्गदर्शन में 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' नए भारत की नई लोकतांत्रिक प्रतिबद्धता का उद्घोष है। संसद और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण से देश की नीतियाँ बनाने में माताओं-बहनों की भूमिका को निर्णायक बनाया गया हैl आने वाले समय में संसद में हर तीसरी सीट पर एक महिला बैठी नजर आएंगी। यह लोकतंत्र में मातृशक्ति का शंखनाद है। इस कार्यक्रम में राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर भी मौजूद रही।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी