अमित शाह की हैदराबाद रैली: ईवीएम विवाद और संसद के विशेष सत्र की चुनौती
हैदराबाद, 02 नवंबर (हि.स.)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हैदराबाद शहर में पदयात्रा के बाद एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने वोट चोरी और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। विपक्ष की रामलीला रैली में लगाए गए दावों का खंडन करते हुए शाह ने सवाल किया कि अगर वोटिंग मशीनों में हेरफेर की गई थी, तो कांग्रेस ने तेलंगाना, केरल, हिमाचल प्रदेश और तमिलनाडु में सरकारें कैसे बनाईं।
उन्होंने विपक्ष को विधायी कार्यवाही में बाधा डालने के बजाय मतदाता सूची संशोधन, इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन और घुसपैठियों सहित सभी विवादित मुद्दों पर संसद के विशेष सत्र में चर्चा करने की चुनौती दी। इसके अलावा, शाह ने 13 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए जाने के दावों को खारिज करते हुए कहा कि 06 करोड़ से अधिक मतदाता अन्य स्थानों पर चले गए थे और लगभग 03 करोड़ मृत व्यक्ति थे, जिनके नाम फर्जी मतदान रोकने के लिए हटाया जाना आवश्यक था।
संसदीय जवाबदेही पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि देश के मतदाताओं ने कांग्रेस के निराधार आरोपों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को 'इंडिया' गठबंधन द्वारा चलाए जा रहे एसआईआर-विरोधी अभियान का मुकाबला करने के लिए भाजपा के राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत हैदराबाद में 'महा पदयात्रा' का नेतृत्व किया। उन्होंने शहर के केंद्र में स्थित बशीरबाग में बाबू जगजीवन राम की प्रतिमा से पार्टी के कई नेताओं और हजारों कार्यकर्ताओं के साथ पदयात्रा की शुरुआत की।
राष्ट्रीय ध्वज थामे अमित शाह, केंद्रीय मंत्रियों जी. किशन रेड्डी, बंदी संजय कुमार, तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष एन. रामचंद्र राव, पार्टी सांसदों, विधायकों, विधान पार्षदों और अन्य नेताओं के साथ पदयात्रा कर रहे थे। 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' के नारे के साथ आयोजित 1.5 किलोमीटर लंबी यह पदयात्रा मोज्जम जाही मार्केट पर समाप्त हुई, जहां अमित शाह ने एक आम सभा को संबोधित किया।
-------------------------
हिन्दुस्थान समाचार / Dev Kumar Pukhraj

