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गृह मंत्री शाह ने जनसांख्यिकीय बदलावों पर गठित उच्चस्तरीय समिति से जल्द सिफारिशें देने को कहा

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गृह मंत्री शाह ने जनसांख्यिकीय बदलावों पर गठित उच्चस्तरीय समिति से जल्द सिफारिशें देने को कहा


नई दिल्ली, 01 जुलाई (हि.स.)। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने जनसांख्यिकीय बदलावों पर गठित हाई लेवल कमिटी ऑन डेमोग्राफिक चेंजेज से जल्द से जल्द अपनी सिफारिशें प्रस्तुत करने का आग्रह किया है। समिति ने बुधवार को यहां गृह मंत्री के आवास पर उनसे शिष्टाचार भेंट कर अपनी कार्ययोजना की जानकारी दी।

बैठक के दौरान गृह मंत्री को बताया गया कि जनसांख्यिकीय बदलावों से संबंधित जमीनी स्थिति का प्रत्यक्ष आकलन करने के लिए समिति विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का दौरा करेगी। इसके साथ ही समिति केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों के साथ भी विचार-विमर्श करेगी ताकि जनसंख्या में हो रहे बदलावों से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर फीडबैक प्राप्त किया जा सके।

समिति ने बताया कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के दौरे अधिक प्रभावी और संवादात्मक बनाने के उद्देश्य से एक विस्तृत प्रश्नावली तैयार की गई है। इसके माध्यम से संबंधित राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों से आवश्यक सूचनाएं पहले ही प्राप्त की जाएंगी, जिससे अध्ययन को अधिक व्यवस्थित और तथ्यपरक बनाया जा सके।

गृह मंत्री अमित शाह ने समिति की कार्ययोजना की सराहना करते हुए गृह सचिव को निर्देश दिए कि समिति के दैनिक कार्यों और उसके दौरों के दौरान हरसंभव प्रशासनिक एवं अन्य आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने समिति से अपने अध्ययन को शीघ्र पूरा कर सरकार को जल्द से जल्द सिफारिशें सौंपने का सुझाव दिया।

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 15 अगस्त 2025 को अपने संबोधन में 'हाई-पावर्ड डेमोग्राफी मिशन' की घोषणा की थी। इसके तहत केंद्र सरकार ने अवैध प्रवास तथा अन्य असामान्य कारणों से देश में हो रहे जनसांख्यिकीय बदलावों का अध्ययन करने और उनसे निपटने के उपाय सुझाने के लिए इस उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है।

सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति प्रकाश प्रभाकर नावलेकर समिति के अध्यक्ष हैं। समिति में जनगणना आयुक्त के अलावा पूर्व आईएएस अधिकारी दुर्गा शंकर मिश्रा, पूर्व आईपीएस अधिकारी बालाजी श्रीवास्तव तथा प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (पीएमईएसी) की सदस्य डॉ. शमिका रवि सदस्य के रूप में शामिल हैं।

समिति देश के विभिन्न हिस्सों में अवैध प्रवास और अन्य असामान्य कारणों से हो रहे जनसांख्यिकीय बदलावों का वैज्ञानिक अध्ययन करेगी, उनके कारणों का विश्लेषण करेगी तथा उनसे निपटने के लिए आवश्यक नीतिगत, विधायी और प्रशासनिक उपायों पर अपनी सिफारिशें केंद्र सरकार को सौंपेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार