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आभा आधारित ‘स्कैन एंड रजिस्टर’ सेवा ने बनाया नया कीर्तिमान, 25 करोड़ डिजिटल ओपीडी रजिस्ट्रेशन पूरे

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आभा आधारित ‘स्कैन एंड रजिस्टर’ सेवा ने बनाया नया कीर्तिमान, 25 करोड़ डिजिटल ओपीडी रजिस्ट्रेशन पूरे


नई दिल्ली, 07 अगस्त (हि.स.)। देश में डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) ने आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) के तहत संचालित ‘स्कैन एंड रजिस्टर’ सेवा के माध्यम से 25 करोड़ ओपीडी रजिस्ट्रेशन का आंकड़ा पार कर लिया है। अक्टूबर 2022 में शुरू की गई इस सेवा ने अस्पतालों में ओपीडी पंजीकरण की प्रक्रिया को तेज, सरल और पूरी तरह डिजिटल बनाते हुए करोड़ों मरीजों को राहत पहुंचाई है।

‘स्कैन एंड रजिस्टर’ सेवा के तहत मरीज अस्पताल में प्रदर्शित विशेष क्यूआर कोड को किसी भी एबीडीएम-सक्षम पर्सनल हेल्थ रिकॉर्ड (पीएचआर ) ऐप से स्कैन करते हैं। इसके बाद मरीज की सहमति से उसकी आभा (आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट) प्रोफाइल अस्पताल के साथ सुरक्षित रूप से साझा हो जाती है और बिना किसी कागजी प्रक्रिया या लंबी कतार में लगे तत्काल ओपीडी रजिस्ट्रेशन हो जाता है। इससे अस्पतालों में पंजीकरण काउंटरों पर भीड़ कम होने के साथ स्वास्थ्य संस्थानों की कार्यक्षमता में भी सुधार आया है।

वर्तमान में यह सेवा देश के 36 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के 756 जिलों में स्थित 30,800 स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध है। इनमें 24,323 सरकारी तथा 6,481 निजी स्वास्थ्य संस्थान शामिल हैं। इनमें एम्स, केंद्रीय और राज्य सरकार के अस्पताल, मेडिकल कॉलेज, जिला एवं उप-जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, ईएसआईसी अस्पताल, रेलवे अस्पताल, ट्रस्ट अस्पताल तथा निजी अस्पताल भी शामिल हैं।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के अनुसार, प्रतिदिन लगभग 4 लाख मरीज इस डिजिटल सुविधा का उपयोग कर रहे हैं। महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों, गर्भवती महिलाओं तथा नियमित रूप से अस्पताल जाने वाले मरीजों के लिए यह सेवा विशेष रूप से उपयोगी साबित हो रही है क्योंकि इससे पंजीकरण में लगने वाला समय काफी कम हो गया है।

राज्यों में बिहार ने सबसे अधिक 7.30 करोड़ से अधिक डिजिटल ओपीडी रजिस्ट्रेशन दर्ज किए हैं। इसके बाद उत्तर प्रदेश में 4.09 करोड़, आंध्र प्रदेश में 3.38 करोड़ तथा जम्मू-कश्मीर में 1.39 करोड़ रजिस्ट्रेशन हुए हैं। यह आंकड़े विभिन्न राज्यों में डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के तेजी से बढ़ते उपयोग को दर्शाते हैं।

सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), नई दिल्ली ने सर्वाधिक 54.29 लाख डिजिटल ओपीडी रजिस्ट्रेशन दर्ज किए हैं। इसके बाद एम्स भोपाल (29.10 लाख), एम्स भुवनेश्वर (23.93 लाख), एम्स पटना (19.62 लाख) और एम्स रायपुर (18.63 लाख) का स्थान है।

इस उपलब्धि पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. सुनील कुमार बर्नवाल ने कहा कि 25 करोड़ डिजिटल ओपीडी रजिस्ट्रेशन का आंकड़ा यह दर्शाता है कि नागरिकों और स्वास्थ्य संस्थानों का भारत के डिजिटल स्वास्थ्य तंत्र पर विश्वास लगातार मजबूत हो रहा है। उन्होंने कहा कि ओपीडी पंजीकरण जैसी सामान्य प्रक्रिया को सरल और डिजिटल बनाकर मरीजों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराई गई है, वहीं स्वास्थ्य संस्थानों की कार्यकुशलता भी बढ़ी है। उनके अनुसार, आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन देश में एक सुरक्षित, परस्पर जुड़ा (इंटरऑपरेबल) और नागरिक-केंद्रित डिजिटल स्वास्थ्य तंत्र विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी