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डिजिटल हेल्थ मिशन में भारत ने दर्ज की बड़ी उपलब्धि, 90 करोड़ के पार पहुंचा आभा अकाउंट

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डिजिटल हेल्थ मिशन में भारत ने दर्ज की बड़ी उपलब्धि, 90 करोड़ के पार पहुंचा आभा अकाउंट


नई दिल्ली, 30 मई (हि.स.)। देश ने डिजिटल स्वास्थ्य क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि दर्ज करते हुए आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) के तहत 90 करोड़ से अधिक आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (आभा) बनाए जा चुके हैं।

आभा एक 14 अंकों की डिजिटल हेल्थ आईडी है, जिसके माध्यम से नागरिक अपने स्वास्थ्य रिकॉर्ड को सुरक्षित रूप से जोड़, देख और जरूरत पड़ने पर अपनी सहमति से साझा कर सकते हैं। इससे मरीजों को बार-बार मेडिकल दस्तावेज साथ रखने की आवश्यकता कम होती है और इलाज की प्रक्रिया अधिक सरल बनती है।

शनिवार को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने पिछले पांच साल के आंकड़े जारी किए। इन आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2021 में जहां 14.7 करोड़ खाते थे, वहीं 2022 में यह संख्या 30.4 करोड़, 2023 में 50.6 करोड़, 2024 में 72.2 करोड़ और 2025 में 84.5 करोड़ तक पहुंच गई। अब 2026 में यह आंकड़ा 90 करोड़ के पार निकल गया है।

राज्यों की बात करें तो उत्तर प्रदेश 15.3 करोड़ से अधिकआभा खातों के साथ देश में पहले स्थान पर है। राजस्थान और महाराष्ट्र में 7.1-7.1 करोड़, बिहार में 6.3 करोड़ तथा पश्चिम बंगाल में 5.9 करोड़ आभा बनाए जा चुके हैं।

महिलाओं की भागीदारी भी उल्लेखनीय रही है। कुल आभा धारकों में लगभग 49.75 प्रतिशत महिलाएं हैं, जो डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं में बढ़ती भागीदारी और जागरूकता को दर्शाता है।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. सुनील कुमार बर्नवाल ने बयान जारी कर कहा कि 90 करोड़ से अधिक आभा खातों का निर्माण नागरिकों, राज्यों, केंद्रशासित प्रदेशों और विभिन्न साझेदार संस्थाओं के सहयोग का परिणाम है। उन्होंने कहा कि आभा नागरिकों को अपनी स्वास्थ्य जानकारी पर सुरक्षित और सहमति-आधारित नियंत्रण प्रदान करता है तथा भविष्य में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुगम और प्रभावी बनाएगा।

सरकार का कहना है कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के जरिए देशभर में एक ऐसा डिजिटल स्वास्थ्य नेटवर्क तैयार किया जा रहा है, जहां नागरिकों के स्वास्थ्य रिकॉर्ड सुरक्षित, पोर्टेबल और आसानी से उपलब्ध रहें।

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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी