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(लीड) दिल्ली सरकार ने राशन कार्ड बनाने की वार्षिक आय सीमा बढ़ाकर 2.5 लाख की

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(लीड) दिल्ली सरकार ने राशन कार्ड बनाने की वार्षिक आय सीमा बढ़ाकर 2.5 लाख की


नई दिल्ली, 26 मई (हि.स.)। दिल्ली कैबिनेट ने मंगलवार को सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत राशन कार्ड की वार्षिक आय पात्रता सीमा को 1.2 लाख से बढ़ाकर 2.5 लाख रुपये करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

दिल्ली के खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कैबिनेट निर्णय की जानकारी देते हुए कहा कि पहले, राशन कार्ड के लिए आय की पात्रता बहुत कम थी। वर्तमान में 1 लाख रुपये की वार्षिक आय एक परिवार के लिए न्यूनतम मज़दूरी के स्तर से भी कम है। इसे ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार ने आय की सीमा बढ़ाकर 2.5 लाख कर दी है, ताकि ज़्यादा से ज़्यादा पात्र परिवार पीडीएस प्रणाली के तहत किफायती राशन का लाभ उठा सकें।

मंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार सीबीडीसी(सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी) आधारित राशन वितरण प्रणाली लागू करने की दिशा में भी कार्य कर रही है। इस प्रणाली के अंतर्गत भविष्य में राशन के लिए वित्तीय सहायता सीधे लाभार्थियों के खातों में जमा की जाएगी, जिससे वे डिजिटल मुद्रा के माध्यम से आवश्यकता अनुसार सरकारी राशन की दुकानों से राशन प्राप्त कर सकेंगे। इससे प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी और अनियमितता समाप्त होगा।

मंत्री सिरसा ने बताया कि प्रस्तावित सीबीडीसी आधारित मॉडल को चरणबद्ध तरीके से राशन दुकानों पर लागू किया जाएगा तथा भविष्य में इसे बैंकिंग प्रणाली से जोड़ा जाएगा, जिसमें निजी बैंक भी शामिल होंगे इस योजना का उद्देश्य लाभों की प्रभावी डिलीवरी सुनिश्चित करना, प्रणाली की खामियों को कम करना तथा लाभार्थियों को खाद्य आपूर्ति व्यवस्था को सरल और पारदर्शी बनाना है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से खाद्य सब्सिडी लाभों के वितरण हेतु सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी आधारित मॉडल अपनाने की दिशा में प्रयासरत है। यह नया मॉडल सामान्य नकद हस्तांतरण व्यवस्था के स्थान पर डिजिटल मुद्रा आधारित प्रणाली को बढ़ावा देगा। सीबीडीसी भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी की जाने वाली स्वीकृत डिजिटल मुद्रा है, जिसे भारतीय करेंसी के समान कानूनी मान्यता प्राप्त है। प्रस्तावित मॉडल के अंतर्गत सरकार पात्र लाभार्थियों के खाद्यान्न पर देय सब्सिडी राशि की गणना कर उसे सीधे उनके सीबीडीसी वॉलेट में स्थानांतरित करेगी।

मंत्री सिरसा ने कहा कि सीबीडीसी आधारित पीडीएस मॉडल से व्यवस्था के अधिक पारदर्शी, पोर्टेबल और सिटिजन फ़्रेंडली बनाए जाने की उम्मीद है। यह आधुनिक और स्मार्ट मॉडल लाभार्थियों को अधिकृत उचित मूल्य दुकानों के चयन में अधिक सुविधा प्रदान करेगा, साथ ही उन्हें सब्सिडी पात्रता तथा लेन-देन के वितरण की रियल टाइम स्थिति की सुविधा भी प्रदान करेगा। इसके साथ ही डिजिटल रिकॉर्ड आधारित एक सशक्त शिकायत निवारण व्यवस्था भी उपलब्ध होगी। इससे उचित मूल्य की दुकानों से जुड़ी शिकायतों में कमी आने, ऑडिट ट्रेल को मजबूत बनाने, सब्सिडी उपयोग की बेहतर निगरानी सुनिश्चित करने तथा अन्य प्रक्रियाओं को सरल एवं अधिक प्रभावी बनाने में सहायता मिलेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव