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मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना : अहमदाबाद में सभी 13 भारी पोर्टल बीम की लॉन्चिंग पूरी

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मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना : अहमदाबाद में सभी 13 भारी पोर्टल बीम की लॉन्चिंग पूरी


नई दिल्ली, 10 जुलाई (हि.स.)। मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के तहत गुजरात के अहमदाबाद में सभी 13 भारी पोर्टल बीम की लॉन्चिंग सफलतापूर्वक पूरी कर ली गई है। साबरमती में अंतिम और सबसे भारी 1,640 मीट्रिक टन वजनी पोर्टल बीम को महज तीन घंटे में स्थापित किया गया।

साबरमती में अंतिम एवं सबसे भारी पोर्टल बीम के सफल लॉन्च के साथ, गुजरात के अहमदाबाद में मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के लिए सभी 13 भारी पोर्टल बीम की लॉन्चिंग सफलतापूर्वक पूरी की गई। यह परियोजना के निर्माण में एक और महत्वपूर्ण इंजीनियरिंग उपलब्धि है।

परियोजना से जुड़े अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि अहमदाबाद में 18 किलोमीटर लंबा बुलेट ट्रेन वायाडक्ट मौजूदा व्यस्त रेलवे लाइनों को एलिवेटेड स्तर पर पार करता है। इन क्रॉसिंगों के निर्माण के लिए विशेष रूप से 13 भारी पोर्टल बीम तैयार कर स्थापित किए गए। इनमें मणिनगर में मुंबई-अहमदाबाद मुख्य रेल लाइन पर पांच, वाटवा में इसी मार्ग पर सात और साबरमती में अहमदाबाद-दिल्ली मुख्य रेल लाइन पर एक पोर्टल बीम शामिल है।

अधिकारियों के अनुसार, साबरमती में स्थापित अंतिम प्रीकास्ट-प्रेस्ट्रेस्ड पोर्टल बीम का वजन लगभग 1,640 मीट्रिक टन, लंबाई 34.5 मीटर तथा क्रॉस-सेक्शन 5.5 मीटर × 4.5 मीटर है। यह अहमदाबाद में स्थापित सभी 13 पोर्टल बीमों में सबसे भारी तथा परियोजना में उपयोग किए गए सबसे बड़े प्रीकास्ट कंक्रीट पोर्टल बीमों में से एक है।

इस विशाल बीम की लॉन्चिंग 2,200 मीट्रिक टन क्षमता वाली क्रॉलर क्रेन की सहायता से की गई। सीमित कार्यस्थल और व्यस्त रेलवे लाइन के ऊपर कार्य होने के बावजूद पूरी प्रक्रिया की विस्तृत योजना बनाई गई तथा भारतीय रेलवे के साथ समन्वय स्थापित करते हुए कड़े सुरक्षा मानकों का पालन किया गया। इस दौरान रेल परिचालन बिना किसी बाधा के सामान्य रूप से जारी रहा।

अधिकारियों ने कहा कि अहमदाबाद में सभी 13 भारी पोर्टल बीम की सफल लॉन्चिंग भारत की पहली हाई-स्पीड रेल परियोजना के निर्माण में अपनाई जा रही अत्याधुनिक इंजियरिंग क्षमता, सटीक योजना और उच्च गुणवत्ता वाले निष्पादन का प्रमाण है। यह उपलब्धि परियोजना के निर्माण कार्य को निर्धारित समयसीमा में आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार