विधान परिषद चुनावः प्रचार ने पकड़ी रफ्तार
मुंबई, 17 अक्टूबर (हि.स.)। महाराष्ट्र विधान परिषद की पांच सीटों के चुनाव प्रचार ने जोर पकड़ लिया है। इस बीच महायुति में बीगियों के कारण बढ़ी अंदरूनी कलह को निपटाने के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मोर्चा संभाल लिया है।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने आज शनिवार को नागपुर और वर्धा में स्थानीय पार्टी नेताओं से बातचीत कर चुनावी रणनीति बनाई. वहीं पुणे में उपमुख्यमंत्री शिंदे ने पार्टी पदाधिकारियों के साथ चर्चा करके व्यूह रचना तैयार की। शिंदे रविवार को अमरावती में चुनावी सभा को संबोधित करेंगे। विधान परिषद के शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के पांच सीटों के चुनाव 23 अक्टूबर को होंगे और मतगणना 27 अक्टूबर को होगी।
इस बीच छत्रपति संभाजीनगर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में शिवसेना (शिंदे गुट) और एनसीपी (एपी) में सुलह हो गई है। एनसीपी के उम्मीदवार सतीश चव्हाण ने मंत्री संजय शिरसाट से उनके घर जाकर मुलाकात की। इसके बाद शिरसाट ने चव्हाण को समर्थन देने की घोषणा की। इससे पहले शिरसाट ने यह कहते हुए चेतावनी दी थी कि यदि अमरावती में हमारे उम्मीदवार को समर्थन नहीं मिला, तो हम छत्रपति संभाजीनगर सीट पर एनसीपी (एपी) को समर्थन देने पर पुनर्विचार कर सकते हैं. इससे एनसीपी में हलचल मच गई थी। यदि एनसीपी (एपी) अमरावती में शिंदे सेना की मदद करती है, तो शिंदे सेना संभाजीनगर में एनसीपी की साथ देगी।
अमरावती शिक्षक सीट और पुणे स्नातक सीट पर भाजपा और शिंदे सेना में तनाव बना हुआ है। अमरावती सीट से शिंदे सेना के उम्मीदवार किरण सरनाईक के विरोध में बीजेपी के बागी खड़े हैं। पुणे शिक्षक सीट से भाजपा की स्मिता जाधव के खिलाफ सचिन सानप निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में खड़े हैं। बागियों को मनाने की कोशिशें जारी है। मुख्यमंत्री फडणवीस का कहना है कि महायुति में कोई मतभेद नहीं है। बातचीत के जरिए सभी मसलों का हल निकाल लिया जाएगा। महायुति के सभी अधिकृत उम्मीदवार विजयी होंगे।
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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार

