महाराष्ट्र सरकार की पहल, सड़क पर उतरे ई-ट्रक
मुंबई, 10 अगस्त (हि.स.)। महाराष्ट्र ने देश में हरित और पर्यावरण अनुकूल परिवहन की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने टाटा मोटर्स के साथ मिलकर 7 से 55 टन क्षमता वाले भारत के पहले संपूर्ण बैटरी-इलेक्ट्रिक ट्रक पोर्टफोलियो का अनावरण किया है। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा कि महाराष्ट्र बैटरी और इलेक्ट्रिक ट्रकों के लिए स्वतंत्र नीति तैयार करने वाला देश का पहला राज्य है।
परिवहन मंत्री ने कहा कि इलेक्ट्रिक ट्रकों का लॉन्च केवल नए वाहनों की शुरुआत नहीं, बल्कि देश की हरित और टिकाऊ परिवहन क्रांति का महत्वपूर्ण पड़ाव है। राज्य अब केवल इलेक्ट्रिक मोबिलिटी का हिस्सा नहीं, बल्कि देश के हरित परिवहन परिवर्तन का नेतृत्व करेगा। राज्य सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग के लिए अनुकूल नीतिगत वातावरण तैयार किया है। राज्य की ईवी नीति से वाहन निर्माताओं, उद्योग और परिवहन क्षेत्र के लिए नए अवसर पैदा हो रहे हैं। उन्होंने टाटा मोटर्स के इलेक्ट्रिक ट्रकों को ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ का बेहतरीन उदाहरण बताया।
मंत्री सरनाईक के अनुसार पुणे में भारतीय इंजीनियरों ने इन ट्रकों को डिजाइन और विकसित किया है। इससे भारतीय कौशल, तकनीक और विनिर्माण क्षमता की ताकत सामने आती है। इलेक्ट्रिक ट्रकों की एक बार चार्ज करने पर करीब 350 किलोमीटर तक की रेंज है। फास्ट चार्जिंग सुविधा और कम ऑपरेटिंग लागत इनके प्रमुख आकर्षण हैं। कम समय में चार्जिंग पूरी होने से ट्रक अधिक समय तक सड़क पर चल सकेंगे।
परिवहन मंत्री ने कहा कि इससे ट्रांसपोर्टरों की उत्पादकता बढ़ने की उम्मीद है। इनसे प्रदूषण घटने के साथ ही ट्रांसपोर्टरों का ईंधन खर्च और कुल परिचालन लागत भी कम होगी। प्रधानमंत्री मोदी ने साल 2070 तक नेट-जीरो का लक्ष्य निर्धारित किया है। इलेक्ट्रिक मोबिलिटी का असर केवल वाहन उद्योग तक सीमित नहीं रहेगा। इससे बैटरी तकनीक, अनुसंधान व विकास, विनिर्माण, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, रोजगार और कौशल विकास के अवसर पैदा होंगे।
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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार

