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ठाणे जिला के गावों में पोषण मुहिम शुरू, शेवगा के पौधे लगाए

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ठाणे जिला के गावों में पोषण मुहिम शुरू, शेवगा के पौधे लगाए


मुंबई , 09 (हि. स.) I बच्चों, किशोरों, गर्भवती महिलाओं और दूध पिलाने वाली माताओं की हेल्थ और न्यूट्रिशन की स्थिति को बेहतर बनाने के लिए जागरूकता पैदा करने के मकसद से, पोषण अभियान का उद्घाटन समारोह आज, 9 सितंबर, 2026 को आंगनवाड़ी सेंटर, बंधनेपाड़ा में जोश के साथ हुआ। इस मौके पर पोषण से जुड़ी कई एक्टिविटीज़ गतिविधि आयोजित की गईं।

प्रोग्राम के मौके पर एक पोषण दिंडी आयोजित की गई। इस दिंडी में आंगनवाड़ी के बेनिफिशियरी बच्चों, माताओं, महिलाओं और गांववालों ने अपनी मर्ज़ी से हिस्सा लिया। न्यूट्रिशन, बैलेंस्ड डाइट, बच्चों की हेल्थ और मां की हेल्थ के महत्व के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए मैसेज देकर पोषण दिंडी आयोजित की गई I

इस मौके पर, मौजूद लोगों ने न्यूट्रिशन शपथ ली। बच्चों को हेल्दी और पौष्टिक खाना देने, उनकी हेल्थ का ठीक से ध्यान रखने, हाइजीन और हेल्थ की आदतें अपनाने और कुपोषण को खत्म करने के लिए मिलकर कोशिश करने का संकल्प लिया गया।

साथ ही, 'चाइल्ड-फ्रेंडली विलेज शपथ' भी ली गई ताकि यह पक्का हो सके कि गांव के हर बच्चे को सुरक्षित, हेल्दी और खुशहाल माहौल मिले, बच्चों के अधिकारों की रक्षा हो, और गांव को चाइल्ड-फ्रेंडली बनाने में हर कोई योगदान दे।

न्यूट्रिशन और एनवायरनमेंट के तालमेल से, इस मौके पर शेवगा पौधे का एक पौधा लगाया गया। क्योंकि शेवगा के पत्तों में कई तरह के न्यूट्रिएंट्स होते हैं, इसलिए न्यूट्रिशन के मामले में इसकी अहमियत पर ज़ोर दिया गया। इस मौके पर आंगनवाड़ी एरिया में न्यूट्रिशन से भरपूर पौधे लगाकर न्यूट्रिशन के बारे में लोगों में जागरूकता लाने का मैसेज दिया गया।

मातृत्व वंदन योजना के बारे में जागरूकता

प्रोग्राम के दौरान, मौजूद मांओं और महिलाओं को मातृत्व वंदन योजना और मैटरनल हेल्थ से जुड़ी अलग-अलग सरकारी स्कीमों के बारे में जानकारी दी गई। योग्य लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं का फ़ायदा उठाने और गर्भवती महिलाओं और दूध पिलाने वाली माताओं को अपनी सेहत के साथ-साथ अपने बच्चों की सेहत और पोषण पर खास ध्यान देने के लिए गाइडेंस दी गई।

आंगनवाड़ी सेंटरों के ज़रिए बच्चों की सेहत, पोषण और प्री-प्राइमरी शिक्षा के लिए कई तरह की एक्टिविटीज़ की जा रही हैं, और माता-पिता से अपील की गई कि वे आंगनवाड़ी वर्करों के साथ मिलकर बच्चों के ओवरऑल डेवलपमेंट में एक्टिव रूप से हिस्सा लें।

पोषण अभियान के ज़रिए लोगों की भागीदारी को बढ़ावा देना

पोषण अभियान सिर्फ़ सरकारी सिस्टम तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें माताओं, माता-पिता, महिलाओं, गाँव वालों और लोकल कम्युनिटी की एक्टिव भागीदारी की ज़रूरत है। बच्चों की सेहत और पोषण को बेहतर बनाने के लिए परिवार के लेवल पर हेल्दी डाइट, साफ़-सफ़ाई, हेल्थ चेक-अप और सही हेल्थ आदतों को प्राथमिकता देना ज़रूरी है।

प्रोग्राम में डिस्ट्रिक्ट जिला स्वास्थ अधिकारी शोभा शेलार, बाल विकास स्वास्थ्य अधिकारी धनश्री सालुंखे, स्वास्थ पर्यवेक्षक उषा लांडगे और सभी पर्यवेक्षक सहायक प्राथमिक संगठन समन्वयक, माता-पिता, माताएं, गांववाले, आंगनवाड़ी सेंटर, बंधनेपाड़ा की महिलाएं और बच्चे शामिल हुए।

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हिन्दुस्थान समाचार / रवीन्द्र शर्मा