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*‘हिंद दी चादर’ एक संग गूंजे 51लाख स्वर, ग्रुप सिंगिंग का वर्ल्ड रिकॉर्ड

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मुंबई, 23 फरवरी (हि. स.) । “ग्रुप सिंगिंग के ज़रिए, ‘हिंद दी चादर’ श्री गुरु तेग बहादुरजी के महान बलिदान का संदेश समाज के हर वर्ग तक पहुंचाया जाएगा, जिससे सामाजिक एकता, सद्भावना और राष्ट्रीय एकता मज़बूत होगी,” ठाणे डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर डॉ. श्रीकृष्ण पांचाल ने आज यहां कहा।

गुरु तेग बहादुर साहिब जी की 350वीं शहादत वर्षगांठ के मौके पर कोंकण डिवीज़न में ऑर्गनाइज़ की गई इस बड़ी ग्रुप सिंगिंग पहल को अचानक रिस्पॉन्स मिला है और इसे ‘बेस्ट ऑफ़ इंडिया रिकॉर्ड्स’ ऑर्गनाइज़ेशन ने ‘वर्ल्ड रिकॉर्ड’ के तौर पर रिकॉर्ड किया है। कोंकण संभागीय राजस्व आयुक्त डॉ. विजय सूर्यवंशी की पहल पर आज सुबह 9 बजे संभाग के सभी सरकारी और निजी शैक्षणिक संस्थानों में एक साथ यह विशेष समूह गान आयोजित किया गया। प्रसिद्ध गायक सतिंदर सरताज द्वारा गाए गए गीत ‘हिंद की चादर’ को लगभग 20 हजार स्कूलों के 51 लाख छात्रों और 1.5 लाख शिक्षकों और कर्मचारियों ने एक साथ गाया। साथ ही ठाणे तलवपाली में सर जॉन बैपटिस्ट हायर सेकेंडरी स्कूल और जूनियर कॉलेज में इस पहल में जिला कलेक्टर डॉ. पांचाल ने व्यक्तिगत रूप से भाग लिया। इस अवसर पर अतिरिक्त जिला कलेक्टर हरिश्चंद्र पाटिल, ठाणे शिक्षा अधिकारी देवीदास पंडित महाजन, प्राचार्य पोप थॉमसन किनी, समन्वयक शफीक शेख सहित बड़ी संख्या में शिक्षक और छात्र उपस्थित थे। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इस अवसर पर बोलते हुए, जिला कलेक्टर डॉ. पांचाल ने कहा कि इस तरह की पहल इतिहास में महान व्यक्तियों के बलिदान, बहादुरी और मूल्य आधारित जीवन को नई पीढ़ी तक प्रभावी रूप से पहुंचाती है। उन्होंने इस ऐतिहासिक पहल में हिस्सा लेने के लिए सभी एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन, टीचर और एडमिनिस्ट्रेशन को धन्यवाद दिया। उन्होंने सिख, सिकलकर, बंजारा, लबाना, मोहयाल, सिंधी, वाल्मीकि, उदासल और भगत नामदेव (वारकरी) कम्युनिटी के सभी सोशल भाइयों से भी अपील की, जिन्होंने गुरु तेग बहादुर के समय में उनका साथ दिया था, कि वे इस प्रोग्राम के मौके पर एक साथ आएं।

350वें शहीद समागम के मौके पर 28 फरवरी और 1 मार्च को नवी मुंबई के खारघर (सेक्टर 29, ओवे मैदान) में एक बड़ा फंक्शन रखा गया है। आज यह ग्रुप सॉन्ग इस प्रोग्राम के बारे में अवेयरनेस फैलाने और गुरु तेग बहादुरजी के बलिदान की हिस्ट्री को लोगों तक पहुंचाने के लिए रखा गया था। कोंकण रीजन के अलग-अलग जिलों के ऑफिसर और ऑफिस बेयरर ने अपने-अपने इलाके के स्कूलों में जाकर इस वर्ल्ड रिकॉर्ड में हिस्सा लिया। इस पहल ने सोशल मेलजोल और नेशनल इंटीग्रेशन का मैसेज ज्यादा लोगों तक पहुंचाया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / रवीन्द्र शर्मा