कार्यशाला से चिकित्सकों की कानूनी जानकारी बढ़ी - डॉ पवार
मुंबई,13 अप्रैल ( हि.स.) । हाल ही में ठाणे जिला अस्पताल में एक दिन की कार्यशाला हुई, जिसमें स्वास्थ सेवा के दर्जे में सुधार, मेडिको-लीगल मामलों को सही तरीके से निपटाना और सरकारी योजनाओं को असरदार तरीके से लागू करने के तीन मुख्य बिंदुओं पर फोकस किया गया। इस वर्कशॉप में चिकित्सक अधिकारियों को गहराई से निर्देशित किया गया जो ज्ञान उनके असल काम में काम आएगा।
यह वर्कशॉप जिला सर्जन डॉ. कैलाश पवार ने आयोजित की थी। इस मौके पर,डिप्टी डायरेक्टर ऑफ़ हेल्थ के गाइडेंस में कई ज़रूरी टॉपिक कवर किए गए। गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. शोभना चव्हाण ने सेक्सुअल असॉल्ट के मामलों में मेडिकल ऑफिसर्स की ज़िम्मेदारी, सबूत इकट्ठा करने का साइंटिफिक तरीका और इंडियन पीनल कोड के सेक्शन 376 के तहत मरीज़ों के साथ सेंसिटिव तरीके से पेश आने की अहमियत पर ज़ोर दिया।
इस मौके पर, 'TB मुक्त भारत' कैंपेन और महात्मा ज्योतिबा फुले जन आरोग्य योजना का रिव्यू किया गया। इन योजनाओं को असरदार तरीके से लागू करने के लिए ज़रूरी निर्देश और इंस्ट्रक्शन दिए गए। TB को खत्म करने के लिए मरीज़ों की स्क्रीनिंग और टेस्टिंग की संख्या बढ़ाने पर खास ज़ोर दिया गया।
वर्कशॉप में हेल्थ के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. अशोक नंदपुरकर, डिस्ट्रिक्ट सर्जन डॉ. कैलाश पवार, एडिशनल डिस्ट्रिक्ट सर्जन डॉ. धीरज महानगड़े, रेजिडेंट मेडिकल ऑफिसर डॉ. मृणाली राहुद और ठाणे ज़िले के सब-डिस्ट्रिक्ट और रूरल हॉस्पिटल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट बड़ी संख्या में शामिल हुए।
‘बिहेवियर चेंज एंड कम्युनिकेशन’ टॉपिक पर, सोशल वर्कर और पब्लिक स्वास्थ जनसंपर्क विशेषमज्ञ भोंगे ने बताया कि कम्युनिकेशन स्किल्स के ज़रिए जनजागृति किस प्रकार से बढ़ाई जा सकती है, साथ ही मरीज़ों के साथ भरोसे का रिश्ता बनाने के लिए जनसंपर्क कितना ज़रूरी है।
साथ ही, ठाणे महानगर पालिका के राजीव गांधी मेडिकल कॉलेज, कलवा के एफएमटी विभाग के प्रमुख डॉ. घाडगे ने मेडिको-लीगल केस को कैसे हल करें और सही और कानूनी तौर पर सही तरीके से मेडिकल रिकॉर्ड कैसे तैयार करें, इस पर गाइड किया। पैथोलॉजिस्ट डॉ. राजू काले ने मेडलेपर पोर्टल के असरदार इस्तेमाल के बारे में डिटेल में जानकारी दी।
ठाणे जिला सर्जन डॉ कैलाश पवार ने इस विषय में बताया कि - “ऐसी वर्कशॉप से स स्वास्थ अधिकारी की कार्यक्षमता और गुणवत्ता विकसित होती हैं। इसका सीधा असर मरीज के देखवाल दर्ज को बेहतर बनाने पर पड़ता है,” ।
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हिन्दुस्थान समाचार / रवीन्द्र शर्मा

