वर्ली-शिवड़ी एलिवेटेड परियोजना के काम को मिली रफ्तार
मुंबई,07 मई (हि.स.)। अटल सेतु से जुड़ने वाले वर्ली-शिवड़ी एलिवेटेड रोड परियोजना के आड़े आ रही सरंचनाओं के मसले का हल निकल गया है। लक्ष्मी निवास इमारत को तोड़े जाने के बाद अब हाजी नूरानी इमारत को गिराने की तैयारी अंतिम चरण में पहुंच गई है। इससे परियोजना का रास्ता साफ हो गया है। यह जानकारी महाराष्ट्र आवास एवं क्षेत्र विकास प्राधिकरण के अधिकारियाें ने दी।
इन इमारतों में रह रहे लोगों के पुनर्वास का विवाद सुलझाने के लिए एमएमआरडीए ने 90 करोड़ रुपये खर्च कर वैकल्पिक घर उपलब्ध कराए हैं। दोनों इमारतों के हटने के बाद प्रभादेवी डबल डेकर फ्लाईओवर और वर्ली-शिवड़ी एलिवेटेड रोड परियोजना का काम अब तेज रफ्तार से आगे बढ़ेगा। कुछ दिन पहले लक्ष्मी निवास इमारत को खाली कराकर उसका ध्वस्तीकरण पूरा किया गया था। अब हाजी नूरानी इमारत भी खाली करा ली गई है। अगले 15 दिनों में इस इमारत को तोड़ दिया जाएगा। इसके बाद प्रभादेवी डबल डेकर फ्लाईओवर के निर्माण कार्य में तेजी आने की उम्मीद है।
अटल सेतु से जुड़ने वाली वर्ली-शिवड़ी एलिवेटेड रोड परियोजना के पूरा होने में काफी देरी हुई है। एमएमआरडीए ने सितंबर 2026 तक इस परियोजना को पूरा कर यातायात के लिए शुरू करने की योजना बनाई है। इस परियोजना के तहत प्रभादेवी डबल डेकर फ्लाईओवर के निर्माण के लिए यहां स्थित लक्ष्मी निवास और हाजी नूरानी चॉल को हटाना जरूरी था। आखिरकार एमएमआरडीए ने इन रहवासियों के पुनर्वास के लिए 90 करोड़ रुपए खर्च कर म्हाडा से 80 से अधिक घर खरीदे। ये घर परियोजना प्रभावितों को आवंटित किए गए। इसके बावजूद कई रहवासी घर खाली करने को तैयार नहीं थे।
एमएमआरडीए ने लगातार प्रयास करते हुए कुछ दिन पहले लक्ष्मी निवास इमारत खाली कराई थी। इस इमारत को गिराने में एमएमआरडीए को 25 दिन लगे थे। इमारत मिट्टी की बनी होने के कारण धूल न उड़े, इसके लिए लगातार पानी का छिड़काव करते हुए ध्वस्तीकरण करना पड़ा। अब इसी तरह हाजी नूरानी इमारत को भी तोड़ा जाएगा।
महाराष्ट्र आवास एवं क्षेत्र विकास प्राधिकरण(म्हाडा)अधिकारियों के अनुसार लक्ष्मी निवास खाली होने के बाद भी हाजी नूरानी इमारत खाली नहीं हो रही थी। पिछले 15 दिनों से इसके लिए लगातार प्रयास किए जा रहे थे। रहवासियों की कुछ मांगें थीं। आखिरकार उन मुद्दों का समाधान निकालते हुए मंगलवार और बुधवार, दो दिनों में हाजी नूरानी इमारत को खाली करा लिया गया। अब अगले 15 दिनों में हाजी नूरानी इमारत को ध्वस्त करने का काम पूरा कर लिया जाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार

