इस्कॉन सेंट्रल किचन के विरोध में महिलाओं का प्रदर्शन
मुंबई, 28 अक्टूबर (हि.स.)। आंगनवाड़ी और स्कूली मिड-डे मील का काम लेकर इस्कॉन को देने के फैसले के खिलाफ महिला बचत समूह उतर गया है। महिलाओं ने मुंबई के आज़ाद मैदान में ज़ोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान सेंट्रल किचन का फैसला रद्द करने, स्थानीय महिलाओं का रोजगार सुरक्षित करने, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को अच्छा दिवाली बोनस देने और पूरा इंसेंटिव अलाउंस देने की मांग की गई।
आंगनवाड़ी फ़ूड सप्लायर्स एसोसिएशन और आंगनवाड़ी वर्कर्स एसोसिएशन द्वारा आयोजित विरोध प्रदर्शन में नागपुर, वर्धा, मुंबई और यवतमाल से महिला बचत समूह के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। संगठन की प्रदेश अध्यक्ष शुभा शमीम ने कहा कि भले ही महिला बचत समूह के दो साल के खाने के बिल बकाया थे, लेकिन उन्होंने बच्चों के खाने में कोई रुकावट नहीं आने दी। उन्होंने कहा कि ऐसी महिलाओं को नौकरी से दूर रखना गलत है और मांग की कि आंगनवाड़ी वर्कर और हेल्पर को 10,000 रुपये दिवाली बोनस दिया जाए। सीआईटीयू के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. डी. एल. कराड ने महिलाओं के रोजगार के लिए एकजुट होकर लड़ने की अपील की। आर्मीति ईरानी ने बकाया भुगतान की मांग की। साथ ही बंद की गई सात वेलफेयर स्कीम को फिर से शुरू करने की मांग की गई।
प्रोटेस्ट के बाद जनरल सेक्रेटरी संगीता कांबले के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल मंत्रालय में संबंधित अधिकारियों से मिला। उन्होंने बकाया बिल, मोबाइल रिचार्ज अमाउंट, हाउस रेंट अलाउंस, लाडकी बहीन योजना की बकाया किश्तें और खाने की चीजों की कीमतों में बढ़ोतरी के मुद्दे उठाए। अधिकारियों ने मांगें मंत्री तक पहुंचाने का भरोसा दिया।
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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार

