ठाणे में कावेसर झील को कंक्रीट नहीं बनने देंगे - विधायक केलकर
मुंबई , 13जुलाई ( हि.स.) । ठाणे शहर अब झीलों का शहर अब कंक्रीट का शहर बनता जा रहा है और इससे पर्यावरण पर असर पड़ रहा है। इसलिए ठाणे के विधायक संजय केलकर ने कहा है कि वे कावेसर झील को कंक्रीट नहीं बनने देंगे।
हीरानंदानी इलाके के लोगों और पर्यावरणविदों ने आज विधायक संजय केलकर से जनसेवाकच जनसंवाद प्रोग्राम में मुलाकात की। इस मौके पर उन्होंने मांग की कि कावेसर झील को कंक्रीट बनने से रोका जाए। इस बारे में बात करते हुए, बीजेपी विधायक केलकर ने लोगों को भरोसा दिलाया। एक समय था जब ठाणे शहर को झीलों का शहर कहा जाता था। उन्होंने कहा कि अब अतिक्रमण की वजह से झीलें गायब हो गई हैं। कावेसर झील का इलाका पर्यावरण के लिए अच्छा है और यहां कई तरह के पक्षी और बायो-चेन पाए जाते हैं। लोगों का कहना है कि कंक्रीट बनने से पर्यावरण को नुकसान होगा। इसलिए, मिस्टर केलकर ने कहा कि विधायक झील की प्राकृतिक स्थिति को बनाए रखने के लिए समय-समय पर फंड देंगे।
खोपट में भाजपा के 111वें जनसेवक जनसंवाद कार्यक्रम में कई लोगों ने बयान देकर शिकायत की। हालांकि ठाणे में चल रहा एसआरए प्रोजेक्ट तारीफ़ के काबिल है, लेकिन इस प्रोजेक्ट के डेवलपर्स की ज़िद ने आस-पास की भवनों के लिए खतरा पैदा कर दिया है। केलकर ने मीडिया को बताया कि उन्होंने एस आर ए अधिकारियों से बात की और उन्हें डेवलपर के खिलाफ़ एक्शन लेने के निर्देश दिए।
इस मौके पर उन्होंने कहा कि बिना इजाज़त के कंस्ट्रक्शन और फेरीवालों के खिलाफ़ कोई एक्शन नहीं लिया जा रहा है, जिससे एक्सीडेंट हो रहे हैं। इसलिए, भले ही पद रिक्त हों, पर दोषी अधिकारियों को घर पर बिठाया जाए। उन्होंने नगर निगम प्रशासन पर भी निशाना साधा। प्रशासन की प्लानिंग की कमी के कारण शहर की हालत खराब है। मॉनसून से पहले पेड़ों की छंटाई और नालों की सफाई ज़रूरी है। लेकिन, अगर ये काम समय पर नहीं किए गए, तो एक्सीडेंट होते हैं और जानें जाती नहै । उन्होंने इस बात पर नाराज़गी जताई कि बारिश नहीं होने के बावजूद, काटी गई टहनियाँ अभी भी सड़क पर पड़ी हैं।
इधर संबंधित ड्राइवर ने शिकायत की कि ट्रैफिक पुलिस ने राबोडी इलाके में हेलमेट न पहनने और कानून के मुताबिक नेमप्लेट न होने पर दो सज़ा देने वाली कार्रवाई की। यह कार्रवाई सही है, लेकिन कार्रवाई करने वाले ट्रैफिक पुलिसकर्मी खुद बिना हेलमेट और नेमप्लेट के गाड़ी चलाते पाए गए हैं, सवाल यह है कि उनके खिलाफ कार्रवाई कौन करेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / रवीन्द्र शर्मा

