शिवाजी कोण होता?' विधायक गायकवाड ने दी प्रकाशक को धमकी
मंबई, 23 अप्रैल (हि.स.)। अपने विवादित कारनामों से सुर्खियों में रहने वाले बुलढाणा के शिवसेना (शिंदे गुट) विधायक संजय गायकवाड फिर चर्चा में हैं। उन पर आरोप लगे हैं कि कॉमरेड गोविंद पानसरे द्वारा लिखित पुस्तक 'शिवाजी कोण होता?' (शिवाजी कौन थे?) के प्रकाशक प्रशांत आंबी को फोन पर न केवल कड़ी फटकार लगाई, बल्कि अपशब्दों का प्रयोग करते हुए उन्हें धमकी दी।
इस बातचीत का एक ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। विधायक गायकवाड़ ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है कि वायरल ऑडियो क्लिप उन्हीं की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किताब का शीर्षक और उसके भीतर छत्रपति शिवाजी महाराज का बार-बार अलग-अलग संदर्भों में एकांकी उल्लेख करना उन्हें अपमानजनक लगा है। गायकवाड़ के अनुसार, उनकी पत्नी को यह किताब एक कार्यक्रम में भेंट की गई थी, जिसे पढ़ने के बाद उन्होंने प्रकाशक से संपर्क किया। मैंने पहले प्रकाशक को भाई की तरह समझाने की कोशिश की थी। मैंने पूछा कि आपने ऐसी किताब क्यों प्रकाशित की जिसमें महाराज का उचित सम्मान नहीं दिख रहा और इतिहास को अनोखे ढंग से पेश किया गया है। जब उन्होंने बहाने बनाने शुरू किए और जाति का हवाला दिया, तब मेरा गुस्सा फूट पड़ा। महाराष्ट्र में आराध्य देव का अपमान हम किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे।
गायकवाड़ का आरोप है कि किताब के हर पृष्ठ पर शिवाजी महाराज के अस्तित्व और उनकी पहचान को लेकर अलग-अलग तर्क दिए गए हैं, जो भ्रम पैदा करते हैं। महाराष्ट्र में महापुरुषों का अपमान क्यों किया जा रहा है? सोशल मीडिया पर जो क्लिप वायरल हुई है, वह विकृत है और उसमें से उनके कुछ तार्किक शब्द हटा दिए गए हैं ताकि उन्हें गलत दिखाया जा सके।
इधर प्रशांत आंबी ने कहा कि गायकवाड ने उन्हें फोन किया और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। उन्होंने जीभ छांट लेने और घर पर आकर सबक सिखाने की धमकी दी। मैंने उन्हें बार-बार समझाने की कोशिश की और सभ्य भाषा का इस्तेमाल करने का अनुऱोध किया। मैंने उन्हें बताया कि वह किताब दिवंगत गोविंद पानसरे द्वारा लिखित है। मैं प्रकाशक हूं, पहले पूरी किताब पढ़ लीजिए। उन्होंने मुझे पानसरे कि पास भेज देने की धमकी दी।
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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार

