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केंद्रीय मंत्री गोयल ने लिया विकास परियोजनाओं के कार्य का जायजा

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मुंबई, 0 2 अगस्त (हि.स.)। केंद्रीय वाणिज्य व उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने रविवार को उत्तर मुंबई में चल रही कई बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। इनमें मुंबई कोस्टल रोड, प्रस्तावित डिसेलिनेशन प्लांट, मढ–वर्सोवा ब्रिज और अन्य महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी परियोजनाएं शामिल हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि वर्सोवा–दहिसर कोस्टल रोड का काम दिसंबर 2028 तक पूरा जाएगा।

अतिरिक्त मनपा आयुक्त अभिजीत बांगर ने इन परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति, समय-सीमा और आम नागरिकों को होने वाले अपेक्षित लाभों पर विस्तृत प्रस्तुति दी। पीयूष गोयल ने कहा कि कोस्टल रोड के बांद्रा–वर्सोवा खंड का कार्य तेजी से प्रगति पर है, जबकि सभी आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त होने के बाद वर्सोवा–दहिसर खंड का कार्य भी शुरू हो चुका है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सरकार का प्रयास इस परियोजना को दिसंबर 2028 तक पूरा करने का है, जबकि मार्च 2029 इसकी निर्धारित लक्ष्य समय-सीमा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के दूरदर्शी नेतृत्व में मुंबई अभूतपूर्व बुनियादी ढांचा परिवर्तन के दौर से गुजर रही है। कोस्टल रोड, अटल सेतु, संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान और आरे मिल्क कॉलोनी के नीचे बनने वाली सुरंगें और पूरे शहर में सड़कों का सीमेंट कंक्रीटीकरण जैसी परियोजनाएं सरकार की समग्र “होल-ऑफ-गवर्नमेंट” कार्यप्रणाली का उदाहरण हैं। इनका उद्देश्य यातायात को सुगम बनाना, भीड़भाड़ कम करना और लाखों मुंबईकरों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार करना है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उत्तर मुंबई में प्रस्तावित इंटरचेंज और सुरंगों का नेटवर्क वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर यातायात का दबाव काफी हद तक कम करेगा। पश्चिमी उपनगरों में निर्बाध पूर्व-पश्चिम संपर्क उपलब्ध कराएगा। डिसेलिनेशन प्लांट परियोजना गोराई, मनोरी, महावीर नगर, बोरीवली, चारकोप और आसपास के क्षेत्रों को पेयजल उपलब्ध कराकर मुंबई की दीर्घकालिक जल सुरक्षा को मजबूत करेगी। परियोजना की योजना इस प्रकार बनाई जा रही है कि मछुआरा समुदाय की चिंताओं का पूरा ध्यान रखा जाए। विकास कार्य उनकी पारंपरिक आजीविका को प्रभावित किए बिना आगे बढ़े।

इस दौरान मंत्री पीयूष गोयल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्रव्यापी ‘नशा मुक्त भारत’ अभियान का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देशभर में 28,000 से अधिक स्थानों पर आयोजित कार्यक्रमों में दो करोड़ से अधिक युवाओं ने भाग लिया है। विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए नशा-मुक्त समाज अत्यंत आवश्यक है। युवाओं को इस जनआंदोलन में सक्रिय रूप से जुड़ने चाहिए।

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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार