महाराष्ट्र का गला घोंटने में जुटे बेरोजगार नेता- उपाध्ये
मुंबई, 26 अक्टूबर (हि.स.)। रायगढ़ जिले की कर्जत तहसील में टोरेंट कंपनी की प्रस्तावित जल विद्युत परियोजना को लेकर भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष केशव उपाध्ये ने विपक्ष पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि नकारे जा चुके बेरोजगार राजनेताओं और ‘दिमागी नक्सलियों’ के अपवित्र गठजोड़ के माध्यम से विकसित महाराष्ट्र का गला घोंटने का प्रयास किया जा रहा है।
उपाध्ये ने सोमवार को पार्टी प्रदेश मुख्यालय में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि कुछ वर्ष पहले पर्यावरण के नाम पर मुंबई मेट्रो का काम रोक दिया गया था। विपक्ष की विकास विरोधी प्रवृत्ति के परिणाम महाराष्ट्र विशेषकर मुंबई, को भुगतने पड़े हैं। उस समय राज्य में महाविकास आघाड़ी की सरकार थी। अचानक पर्यावरण के नाम पर शोर मचाते हुए मुंबई मेट्रो का काम रोक दिया गया और मेट्रो के विरोध में आंदोलन किया गया। काम रुकने के कारण महाराष्ट्र को दो हजार करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा। मुख्यमंत्री रहते हुए उद्धव ठाकरे ने यह बड़ा पाप किया था।
उपाध्ये ने कहा कि हजारों करोड़ रुपये की परियोजना रातोंरात तैयार नहीं होती। इसके लिए विभिन्न समितियों और आयोगों के समक्ष निर्धारित प्रक्रियाएं पूरी करनी पड़ती हैं और अनेक अनुमतियां लेनी होती हैं। इस परियोजना के लिए पर्यावरणीय मंजूरी प्राप्त करना सबसे महत्वपूर्ण कार्य था। पर्यावरणीय मंजूरी ली गई और सभी वैधानिक प्रक्रियाएं पूरी करने के लिए 18 महीने तक प्रक्रिया चली। इसके बाद पेड़ों की कटाई की प्रक्रिया शुरू हुई।
इस परियोजना के कारण वन्यजीवों के जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने का आरोप भी लगाया जा रहा है। लेकिन यह परियोजना वन क्षेत्र के इको-सेंसिटिव जोन में आती ही नहीं है। परियोजना के लिए 233 हेक्टेयर वन भूमि की आवश्यकता है, जो सह्याद्रि का एक छोटा-सा हिस्सा है। वन्यजीवों को नुकसान नहीं होगा। काटे जानेवाले पेड़ों की संख्या से दोगुने पेड़ लगाए जाएंगे। इस परियोजना से 3 हजार लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।
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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार

