ऑपरेशन टाइगर की हलचलों के बीच उद्धव ठाकरे ने की विभाग प्रमुखों के साथ चर्चा
मुंबई, 01 सितंबर (हि.स.)। महाराष्ट्र में ऑपरेशन टाइगर की फिर सुगबुगाहट तेज हो गई है। इन हलचलों के बीच शिवसेना (यूबीटी) के पक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने मंगलवार को अपने आवास मातोश्री पर मुंबई के विभाग प्रमुखों की बैठक बुलाई। उद्धव ने उनसे मौजूदा राजनीतिक स्थितियों और आगामी रणनीतियों पर चर्चा की। साथ ही पार्टी संगठन को मजबूत करने के लिए मराठावाडा के 17 दिवसीय महाआंदोलन का फैसला किया गया।
यूबीटी के 9 में से 6 सांसद हाल में शिंदे गुट में शामिल हो गए थे। अब चर्चा हा कि यूबीटी के 14 विधायक सहित मुंबई मनपा के कई नगरसेवक उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के संपर्क में हैं। हालांकि इसे यूबीटी ने खारिज किया है। इसे विरधियों की चाल बताया गया है। इधर शिंदे सेना के मंत्री भरत गोगावले का कहना है कि ऑपरेशन टाइगर कहने से नहीं होता, इसे एकनाथ शिंदे हैंडल करते हैं। बस इंतजार कीजिए, बहुत से लोग हमारे पास आने को तैयार हैं। शिवसेना पार्टी व चुनाव चिन्ह के मुद्दे पर गोगावले ने कहा कि इस पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है. कोर्ट में हमारा पक्ष मजबूत है, हमें न्याय मिलेगा। हमारी पार्टी ही असली शिवसेना है।
उद्धव के साथ मातोश्री में हुई विभाग प्रमुखों की बैठक में पार्टी संगठन और वर्तमान राजनीतिक हालात पर चर्चा की गई। मराठवाड़ा के स्थानीय मुद्दों को लेकर 17-दिवसीय महाआंदोलन की रणनीति पर विचार किया गया। इस अभियान को गति देने के लिए उद्धव ठाकरे और आदित्य ठाकरे मराठवाड़ा के विभिन्न जिलों का दौरा करेंगे। आदित्य कल गुरुवार को छत्रपति संभाजीनगर का दौरा करेंगे। वे वहां विकास से जुड़े मुद्दों का प्रेजेंटेशन देंगे और सरकार के विकास के दावों की पोल खोलेंगे। उद्धव ठाकरे 16 और 17 सितंबर को छत्रपति संभाजीनगर के दौरे पर रहेंगे। वे 17 सितंबर को 'मराठवाड़ा मुक्तिसंग्राम दिन' के अवसर पर आयोजित होने वाले आंदोलन का नेतृत्व करेंगे। उद्धव व आदित्य का मुख्य उद्देश्य छत्रपति संभाजीनगर, जालना, बीड, लातूर,धाराशिव, नांदेड,हिंगोली,परभणी जैसे प्रमुख क्षेत्रों में पार्टी कैडर को एकजुट करना है। विशेषकर छात्रों और युवाओं को संगठन से जोड़ना है। इसके लिए पार्टी पदाधिकारियों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार

