महाराष्ट्र के दो रिजर्व फॉरेस्ट क्षेत्र अभारण्य घोषित
मुंबई, 26 अक्टूबर (हि.स.)। महाराष्ट्र के दो रिजर्व फॉरेस्ट क्षेत्र अभारण्य घोषित किया गया है। साथ ही 14 संरक्षण रिजर्वों के प्रस्तावों को भी हरी झंडी दी गई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में सोमवार को हुई राज्य वन्यजीव बोर्ड की बैठक में यह फैसला लिया गया।
वन्य जीवों के लिए ग़डचिरोली जिले में स्थित कोलामारका कंजर्वेशन रिजर्व को वन्यजीव अभयारण्य घोषित करने के साथ तानसा वन्यजीव अभयारण्य के पास नए विस्तारित क्षेत्र को भी वन्यजीव अभयारण्य का दर्जा देने की मंजूरी दी गई है। इसके अलावा ठाणे, पालघर, पुणे, रायगढ़, नासिक, नंदुरबार और चंद्रपुर जिले में 14 संरक्षण रिजर्वों के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। इस बैठक में वन मंत्री गणेश नाईक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सैंक्चुअरी में डैम की मरम्मत, रिहैबिलिटेशन और सिल्टेशन के रेगुलर कामों को संबंधित सैंक्चुअरी के मैनेजमेंट प्लान में शामिल किया जाना चाहिए। नियमों के हिसाब से स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर तैयार किए जाने चाहिए और तीन महीने के अंदर मैनेजमेंट प्लान में जरूरी बदलाव किए जाने चाहिए। इन कामों के लिए हर बार अलग से मंजूरी लेने के बजाय संबंधित वाइल्डलाइफ अधिकारियों को पहले से सूचना देने का इंतजाम किया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि जिन एरिया को सैंक्चुअरी घोषित किया गया है; लेकिन जो अभी भी रीजनल फॉरेस्ट डिपार्टमेंट या फॉरेस्ट डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के मैनेजमेंट में हैं, उन्हें वाइल्डलाइफ ब्रांच को हस्तांतरित करने के संबंध में स्टाफ एडजस्टमेंट, डेपुटेशन और खाली पदों की समीक्षा करके एक महीने के अंदर एक प्रस्ताव पेश किया जाए।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार

