घाटे में चल रहे दो टेक्सटाइल महामंडलों का पावरलूम कॉर्पोरेशन में होगा विलनीकरण
मुंबई, 11 अक्टूबर (हि.स.)। घाटे में चल रहे महाराष्ट्र के दो टेक्सटाइल महामंडलों के विलनीकरण का प्रस्ताव अंतिम चरण में पहुंच गया है। इनमें महाराष्ट्र स्टेट टेक्सटाइल कॉर्पोरेशन और महाराष्ट्र स्टेट हैंडलूम कॉर्पोरेशन का समावेश है। इन्हें महाराष्ट्र स्टेट पावरलूम कॉर्पोरेशन में मर्ज किया जाएगा। विलनीकरण पर जल्द ही सरकारी स्तर पर फैसला होने की संभावना है। यह जानकारी वस्त्रोद्योग मंत्री संजय सावकारे ने दी है।
वर्तमान में राज्य के वस्त्रोद्योग विभाग के तहत तीन कॉर्पोरेशन कार्यरत है। इनमें से पावरलूम कॉर्पोरेशन को सरकारी विभाग, हॉस्पिटल और निकाय संस्थाओं का यूनिफॉर्म और कपड़ा सप्लाई करने से इनकम होती है। इसलिए इसकी वित्तीय स्थिति काफ़ी मज़बूत है। बाकी दो कॉर्पोरेशन की वित्तीय मुश्किलों को ध्यान में रखते हुए उन्हें मर्ज करने का प्रस्ताव है। इसके पीछे का मकसद प्रशासनिक खर्च कम करना और काम में तालमेल बढ़ाना है।
महाराष्ट्र स्टेट टेक्सटाइल कॉर्पोरेशन 1966 में, जबकि हैंडलूम कॉर्पोरेशन 1971 में बना था। पावरलूम कॉर्पोरेशन की 2023-24 की सालाना रिपोर्ट के अनुसार कॉर्पोरेशन को टैक्स के बाद 16.53 लाख रुपये का नेट प्रॉफिट हुआ। वहीं टेक्सटाइल कॉर्पोरेशन को साल 2023-24 में 15.74 लाख रुपये का घाटा हुआ। यह घाटा साल 2024-25 में बढ़कर 60.95 लाख रुपये हो गया। विलनीकरण के बाद बकाया कर्ज, लोन, एसेट्स, कर्मचारियों और चल रहे ठेकों का ट्रांसफर होगा। सरकार को ऐसी योजना बनानी होगी कि वित्तीय देनदारियों का बोझ पावरलूम कॉर्पोरेशन पर न पड़े। विलनीकरण की अंतिम रूपरेखा और आर्थिक पुनर्रचना की तस्वीर सरकार के औपचारिक फैसले के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार

