बिश्नोई गैंग का सदस्य बताकर किया बिल्डर का अपहरण, पुलिस ने दो लोगों को किया गिरफ्तार
मुंबई, 05 अक्टूबर, (हि. स.)। मुंबई-अहमदाबाद हाईवे पर एक होटल के पास सौदा करने पहुंचे नवी मुंबई के एक बिल्डर का कथित तौर पर बंदूक की नोक पर अपहरण कर लिया गया। आरोपियों ने खुद को बिश्नोई गैंग का सदस्य बताते हुए पहले हत्या की सुपारी मिलने की बात कहकर बिल्डर से दो करोड़ रुपए मांगे। करीब आठ घंटे तक कार में मोलभाव होता रहा। आखिरकार सौदा 10 लाख रुपए में तय हुआ और रकम मिलने के बाद बिल्डर को छोड़ दिया गया। मामले में पेल्हार पुलिस ने सोमवार को दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 10 लाख रुपए नगदी, सोने के आभूषण समेत करीब 40 लाख रुपए का माल जब्त किया है।
पुलिस के अनुसार, खारघर निवासी बिल्डर संजीव शाह (52) की पहचान मई 2026 में नालासोपारा निवासी पासपोर्ट एजेंट रोहित जांगिड (28) से एक परिचित के जरिए हुई थी। जांगिड ने खुद का ट्रस्ट होने और निर्माण क्षेत्र में निवेश करने की बात कही थी। शुक्रवार शाम जांगिड और उसके साथी विरार निवासी ऑटो चालक वंश गुप्ता (22) ने शाह को विरार स्थित एक होटल के पास बुलाया। शाह के पहुंचते ही उसे जबरन क्रेटा कार में बैठा लिया गया। जांगिड ने कथित तौर पर उस पर बंदूक तान दी और कहा कि उसकी हत्या की 2 करोड़ रुपए की सुपारी मिली है। आरोपियों ने खुद को बिश्नोई गैंग का सदस्य बताते हुए जान बचाने के लिए 2 करोड़ रुपए देने की मांग की।
शाह के अनुसार, कार में गुप्ता ड्राइविंग कर रहा था, जबकि जांगिड बंदूक ताने बैठा था। एक अन्य आरोपी सूरज ने उसके हाथ पकड़ रखे थे। कार विरार से मीरा रोड और फिर वापस विरार की ओर घूमती रही। शाह ने रकम देने में असमर्थता जताई तो आरोपियों ने मांग घटाकर पहले 1 करोड़ और फिर 10 लाख रुपए कर दी। रात करीब 2 बजे शाह के बेटे ने 10 लाख रुपए की व्यवस्था की। रकम मिलने के बाद आरोपियों ने उसे छोड़ दिया। शाह ने शनिवार को खारघर पुलिस से शिकायत की। मामला पेल्हार पुलिस को स्थानांतरित किया गया था। पेल्हार पुलिस ने मोबाइल नंबरों के आधार पर रोहित जांगिड और वंश गुप्ता को सोमवार को गिरफ्तार कर लिया। दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच जारी है।
हिन्दुस्थान समाचार / कुमार

