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27 अक्टूबर से रेलवे काउंटर टिकट पर भी मिलेगा यात्रा बीमा का लाभ

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मुंबई, 25 अक्टूबर, (हि. स.)। भारतीय रेल अपनी मौजूदा वैकल्पिक यात्रा बीमा योजना (ओटीआईएस) का विस्तार करते हुए 27 अक्टूबर, 2026 से अपने पूरे नेटवर्क में यात्री आरक्षण प्रणाली (पीआरएस) काउंटरों पर आरक्षित टिकट बुक कराने वाले यात्रियों को भी यह सुविधा प्रदान करेगी। आईआरसीटीसी के माध्यम से ई-टिकट बुक कराने वाले यात्रियों के लिए उपलब्ध यह योजना अब रेलवे आरक्षण काउंटरों से आरक्षित टिकट खरीदने वाले पात्र यात्रियों के लिए भी उपलब्ध होगी। पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी विनीत अभिषेक द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, बीमा सुविधा पूरी तरह वैकल्पिक होगी। यह सुविधा केवल उन्हीं यात्रियों को प्रदान की जाएगी जो बीमा का विकल्प चुनेंगे, मोबाइल नंबर देंगे और डिजिटल माध्यम से भुगतान करेंगे। लागू बीमा प्रीमियम टिकट किराये के साथ लिया जाएगा तथा किराये और प्रीमियम, दोनों का भुगतान केवल डिजिटल माध्यम से करना होगा।

लागू नियमों एवं शर्तों के अनुसार, प्रीमियम सभी करों सहित प्रति यात्री 45 पैसे है। यह योजना केवल भारतीय नागरिकों के लिए उपलब्ध है, जिनके टिकट की स्थिति बुकिंग के समय कन्फर्म, आरएसी या आंशिक रूप से कन्फर्म हो। बीमा का विकल्प चुने जाने पर यह एक ही पीएनआर के अंतर्गत बुक किए गए सभी पात्र यात्रियों पर लागू होगा। पांच वर्ष से कम आयु के जिन बच्चों की बुकिंग बिना बर्थ/सीट के की गई हो, वे बीमा के अंतर्गत कवर नहीं होंगे, जबकि पांच से ग्यारह वर्ष की आयु के बच्चे बर्थ के साथ या बिना बर्थ के भी पात्र होंगे। पॉलिसी के अंतर्गत आने वाली रेल दुर्घटना या अप्रिय घटना की स्थिति में इस योजना के तहत मृत्यु या स्थायी पूर्ण दिव्यांगता के लिए ₹10 लाख, स्थायी आंशिक दिव्यांगता के लिए ₹7.50 लाख तक तथा चोटों के कारण अस्पताल में भर्ती होकर उपचार कराने के खर्च के लिए ₹2 लाख तक का बीमा कवर प्रदान किया जाता है। पॉलिसी के नियमों एवं शर्तों के अधीन पार्थिव शरीर के परिवहन के लिए ₹10,000 का लाभ भी प्रदान किया जाता है।

यात्रियों को यात्रा बीमा संबंधी अपना विकल्प अंकित करने की सुविधा देने के लिए आरक्षण मांग प्रपत्र में संशोधन किया गया है। संशोधित प्रपत्र पश्चिम रेलवे के सभी पीआरएस केंद्रों पर उपलब्ध कराया जाएगा। इन केंद्रों पर यात्रियों को इस सुविधा तथा इसके लिए डिजिटल भुगतान और मोबाइल नंबर की आवश्यकता के बारे में जानकारी देने हेतु उद्घोषणाएं भी की जाएंगी। आरक्षण कर्मचारी यात्रियों को बीमा के विकल्प और निर्धारित प्रक्रिया के संबंध में मार्गदर्शन देंगे। बीमा पॉलिसी का विवरण यात्री के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर भेजा जाएगा। यात्रियों को बुकिंग के बाद उपलब्ध कराए गए लिंक का उपयोग करके बीमा कंपनी की वेबसाइट पर नामांकन संबंधी विवरण भरना चाहिए। मृत्यु संबंधी दावों का निपटान घोषित नामित व्यक्ति के पक्ष में किया जाएगा अथवा नामित व्यक्ति का विवरण दर्ज न होने पर विधिक वारिस प्रमाणपत्र या उत्तराधिकार प्रमाणपत्र के आधार पर विधिक वारिसों के पक्ष में किया जाएगा। योजना के मौजूदा नियम एवं शर्तें पीआरएस काउंटरों से की गई बुकिंग पर भी लागू होंगी। पॉलिसी जारी करने और दावों के निपटान की जिम्मेदारी संबंधित बीमा कंपनी की होगी।

हिन्दुस्थान समाचार / कुमार