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ट्रांसपोर्टरों ने की फ्यूल की दरें कम करने की मांग

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मुंबई, 25 जून (हि.स.)। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतें 75 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गई हैं। इसे लेकर ट्रांसपोर्टरों ने केंद्र सरकार से फ्यूल की कीमतें कम करने की मांग की है।

ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस) के सलाहकार व पूर्व अध्यक्ष बल मलकीत सिंह ने इस संबंध में केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री को पत्र लिखा है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय बाजार में आई गिरावट का लाभ देश के परिवहन उद्योग और उपभोक्ताओं तक पहुंचाने का अनुरोध किया है। सिंह ने कहा कि जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ीं, तब देश में डीजल की कीमतों में लगातार वृद्धि की गई। अब जबकि कच्चे तेल की कीमतें कम हो गई हैं तो उसका लाभ भी बिना किसी विलंब के परिवहन उद्योग और आम नागरिकों तक पहुंचाया जाना चाहिए। राहत में देरी करना यानी, राहत से वंचित करने के समान है।

उन्होंने कहा कि एक वाणिज्यिक वाहन की कुल परिचालन लागत का लगभग 55-60 प्रतिशत हिस्सा केवल डीजल पर खर्च होता है। हाल के वर्षों में डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों ने विशेष रूप से छोटे व मध्यम सड़क परिवहन संचालकों की आर्थिक स्थिति को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। डीज़ल मूल्य वृद्धि का प्रभाव केवल ईंधन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके कारण पूरे परिवहन संचालन की लागत में व्यापक वृद्धि हुई है। टायर, लुब्रिकेंट्स, एडब्ल्यू, स्पेयर पार्ट्स, चेसिस, बीमा प्रीमियम, टोल, परमिट, चालक वेतन, दैनिक भत्ता, वित्तीय लागत, ईएमआई, अनुपालन खर्च आदि में परिचालन लागतों में भारी वृद्धि दर्ज की गई है।

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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार