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परिवहन विभाग में तवादले- वसूली का बड़ा रैकेट- वडेट्टीवार

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मुंबई, 26 मार्च (हि.स.)। _कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने परिवहन विभाग में घोटाले का सनसनीखेज आरोप लगाया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि आरटीओ विभाग में तबादले और गैर-कानूनी वसूली का एक बड़ा रैकेट सक्रिय है। ईमानदार अधिकारियों को झूठे मामलों में फंसाया जा रहा है। यह गोरखधंधा सेवानिवृत्त्त अधिकारियों की मिलीभगत से फल फूल रहा है।

वडेट्टीवार ने दावा किया है कि परिवहन विभाग के सेवानिवृत्त अधिकारी बजरंग खरमाटे इस पूरे रैकेट के मास्टरमाइंड हैं, उन्होंने वसूली के लिए एक समकक्ष सिस्टम बनाया हुआ है। यदि राज्य में 100 रुपये की वसूली होती है, तो वह खुद 90 रुपये लेते हैं। चंद्रपुर जिले में मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर पवन पोटदुखे के खिलाफ एसीबी द्वारा की गई कार्रवाई पहले से तय साजिश है। शिकायतकर्ता द्वारा की गई लंबी यात्रा और टोल रिकॉर्ड में गड़बड़ी यह साबित करती है कि यह मामला सिर्फ गरीबों को फंसाने के लिए बनाया गया है। विदर्भ से 64 लोग आरटीओ में आए हैं, लेकिन ये नियुक्तियां खैरनार और भुयार की सहमति से नहीं होने के कारण अब ये अधिकारी उनकी पदोन्नति में रुकावट डाल रहे हैं। जो अधिकारी वसूली करने से मना कर रहे हैं, उन्हें एसीबी के जाल में फंसाने या ट्रांसफर करने की धमकी दी जा रही है।

वडेट्टीवार ने मुख्यमंत्री और परिवहन मंत्री को पत्र लिखकर इस मामले की जांच की मांग की है। अशोक खरात मामले और मंत्रियों के सरकारी आवास के दुरुपयोग की ओर इशारा करते हुए वडेट्टीवार ने कहा कि कुछ लोग तंत्र-मंत्र का इस्तेमाल करके अपनी कुर्सी बचाने या दूसरों को हटाने की कोशिश कर रहे हैं। संविधान की शपथ लेने वालों को यह काम शोभा नहीं देता। जब मंत्री झिरवल अपने ऑफिस में एसीबी के जाल में फंसे थे, तब उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब उन्होंने सरकारी आवास का दुरुपयोग किया है। , उन्होंने मांग की है कि मुख्यमंत्री इस मामले की जांच कर कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि पुणे जमीन घोटाला हो या आरटीओ में वसूली, सरकार सिर्फ छोटी मछलियों पर कार्रवाई कर रही है और बड़ी मछलियों को बचा रही है। वडेट्टीवार ने कहा कि मौजूदा सरकार में अंदरूनी गैंगवॉर चल रहा है। मंत्री एक-दूसरे के खिलाफ साजिश कर रहे हैं, जिससे महाराष्ट्र की छवि खराब हो रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार