सरकारी एम्बुलेंस में फ्यूल हेतू सिविल सर्जन डॉ पवार ने बाँटे ड्राइव ट्रैक कार्ड
मुंबई, 16 सितंबर (हि. स.) I एक मरीज़ की ज़िंदगी के लिए हर पल कीमती होता है... और हर पल को तेज़ करने के लिए, अब एम्बुलेंस सर्विस में 'ड्राइव ट्रैक प्लस' कार्ड शुरू किया गया है। हेल्थ डिपार्टमेंट ने डीज़ल की भीड़ और पैसे की दिक्कत को खत्म करने और एम्बुलेंस के पहिए घुमाते रहने के लिए एक ज़रूरी जनहित पहल की है।
हेल्थ मिनिस्टर प्रकाश अबितकर के गाइडेंस में, हेल्थ डिपार्टमेंट के प्रिंसिपल सेक्रेटरी विनायक निपुण और कमिश्नर संजय काटकर के फैसले के मुताबिक, महाराष्ट्र सरकार और HPCL के बीच एक MoU साइन किया गया है। इस एग्रीमेंट के मुताबिक, ठाणे ज़िले में सरकारी एम्बुलेंस के लिए 'ड्राइव ट्रैक प्लस' कार्ड अवेलेबल कराया गया है। हर एम्बुलेंस ड्राइवर को यह कार्ड देने से डीज़ल के लिए कैश की दिक्कत खत्म हो जाएगी और एम्बुलेंस सर्विस और भी आसान और तेज़ हो जाएगी।
ठाणे ज़िले के शहरी, ग्रामीण और दूर-दराज के आदिवासी इलाकों में मरीज़ों को समय पर हॉस्पिटल पहुंचाने में एम्बुलेंस सर्विस का अहम रोल है। लेकिन, डीज़ल के लिए पैसे मिलने में दिक्कतों की वजह से सर्विस में अक्सर रुकावट आती थी। अब, यह कार्ड इस दिक्कत को दूर करने में मदद करेगा क्योंकि एम्बुलेंस में तुरंत फ्यूल भरा जा सकेगा।
यह कार्ड बुधवार को ठाणे डिस्ट्रिक्ट सर्जन डॉ. कैलाश पवार ने बांटा। हेल्थ डिपार्टमेंट की इस पहल से खासकर दूर-दराज के इलाकों में मरीजों को एम्बुलेंस सर्विस देने में मदद मिलेगी।
ठाणे सिविल सर्जन डॉ कैलाश पवार का कहना है कि -एम्बुलेंस सर्विस इमरजेंसी हेल्थ सर्विस की एक ज़रूरी कड़ी है। ‘ड्राइव ट्रैक प्लस’ कार्ड यह पक्का करने में काम आएगा कि डीज़ल की कमी की वजह से इस सर्विस में कोई रुकावट न आए। इससे खासकर दूर-दराज के इलाकों में मरीजों को समय पर सर्विस मिलने में बहुत फायदा होगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / रवीन्द्र शर्मा

