home page

टोरेंट पावर प्रोजेक्ट का मुद्दा गरमाया, विरोध में उतरे ठाकरे बंधु

 | 

मुंबई, 26 अक्टूबर (हि.स.)। महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के कर्जत तहसील में टोरेंट पावर कंपनी के प्रस्तावित हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट के लिए बेहिसाब पेड़ों की कटाई का मुद्दा गरमा गया है। इस मुद्दे को लेकर ठाकरे बंधु आक्रामक हो गए हैं। मनसे प्रमुख राज ठाकरे इस पेड़ कटाई के खिलाफ मैदान में उतरेंगे, तो वहीं शिवसेना (यूबीटी) के नेता आदित्य ठाकरे ने सोमवार को स्थल का दौरा कर इसके खिलाफ स्टैंड लिया है।

आदित्य ठाकरे ने सोमवार को कर्जत में पेड़ों की कटाई का जायजा लिया और पर्यावरण को हो रहे नुकसान पर कड़ी आपत्ति जताई। वहीं राज ठाकरे ने बुधवार 28 अक्टूबर को कर्जत का दौरा करने वाले हैं। वे स्थानीय गांववालों और आदिवासियों से बातचीत करने के बाद जंगल का मुआयना करेंगे और शाम 5 बजे पुलिस ग्राउंड में एक जनसभा को संबोधित करेंगे। राज ठाकरे के दौरे के बाद उद्धव ठाकरे की शिवसेना भी इस मुद्दे पर और ठोस रुख अपना सकती है। कांग्रेस और एनसीपी (एसपी) सहित विपक्षी नेताओं का आरोप है कि विकास के नाम पर जंगल को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। कांग्रेस पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि यह परियोजना जबरन थोपी जा रही है। वृक्षों की कटाई से पर्यावरण को बड़े पैमाने पर नुकसान होगा।

आदित्य ठाकरे ने कहा कि सरकार को जवाब देने होंगे कि पेड़ों को काटने की इजाज़त किसने दी, क्या पर्यावरण पर पड़ने वाले असर पर विचार किया गया और क्या दोबारा पेड़ लगाने के लिए पर्याप्त जगह है। मनसे नेता संदीप देशपांडे ने दावा किया है कि कर्जत जंगल में अब तक 2,750 पेड़ काटे जा चुके हैं। स्थानीय लोग डर जता रहे हैं कि और पेड़ काटे जाएंगे। पेड़ों को काटने की इजाजत किसने दी, इसे लीगल कैसे किया गया। 90,000 पेड़ लगाने के लिए जमीन कहां से लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि दिल्ली में बैठे दो लोग सह्याद्रियों का भविष्य तय कर रहे हैं।

बंधु आक्रामक हो

गए हैं।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार