टोरेंट पावर प्रोजेक्टः शिंदे सेना और एनसीपी (एपी) में ठनी
मुंबई, 02 नवंबर (हि.स.)। महाराष्ट्र के रायगढ़ ज़िले में टॉरेंट कंपनी के प्रस्तावित जलविद्युत प्रोजेक्ट को लेकर अब सत्तारूढ़ महायुति के शिवसेना (शिंदे गुट) और एनसीपी (एपी) के बीच ठन गई है। एनसीपी के रायगढ़ जिले के अध्यक्ष सुधाकर घारे ने इस परियोजना का पूरजोर विरोध किया है। वहीं शिंदे सेना के विधायक महेंद्र थोरवे ने एनसीपी सांसद सुनील तटकरे और घारे पर निशाना साधा है। थोरवे ने खुली चुनौती दी है कि अगर सरकार के प्रोजेक्ट का विरोध करना है, तो पहले सत्ता से बाहर हो जाओ।
थोरवे ने कहा है कि टोरेंट पावर प्रोजेक्ट को केंद्र सरकार और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंज़ूरी दी थी। जब एनसीपी सत्ता में हो तो सरकार के प्रोजेक्ट का विरोध करना सही नहीं है। जब सुनील तटकरे की बेटी राज्य में मंत्री हैं, तो उनकी पार्टी को ऐसा स्टैंड नहीं लेना चाहिए। अगर आप इसका विरोध करना चाहते हैं, तो सत्ता से बाहर निकलकर आगे आएं। वह इस मुद्दे पर बात करने के लिए तैयार हैं।
थोरवे ने आरोप लगाया कि खालापुर तहसील के उजलोली में अनिकेत तटकरे और सुनील तटकरे की पार्टनरशिप में एक शराब फैक्ट्री लगाई जा रही है। उन्होंने दावा किया कि चिलथन ग्राम पंचायत के विरोध के बावजूद कथित फर्जी नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट के आधार पर फैक्ट्री बनाई जा रही है। यदि सच में चिंता है, तो घारे को पहले इस फैक्ट्री के मुद्दे पर स्टैंड लेना चाहिए और इसे बंद कराने की पहल करनी चाहिए। कर्जत के लोगों ने घारे को नकार दिया है और वे हर प्रोजेक्ट के खिलाफ स्टैंड ले रहे हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार

