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रोग की जांच सही समय पर हो तो उपचार ज्यादा कारगर

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रोग की जांच सही समय पर हो तो उपचार ज्यादा कारगर


मुंबई,16 जून ( हि.स.) । हाल ही में ठाणे में एक दिन की राज्य स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई थी। इसका मकसद जन स्वास्थ व्यवस्था में प्रयोगशाला सेवा की गुणवत्ता को बेहतर बनाना और सही परीक्षण के ज़रिए मरीज़ की सर्विस को और असरदार बनाना था। इस पहल ने हेल्थ सिस्टम में “प्रॉब्लम से सॉल्यूशन” की तरफ एक पॉजिटिव बदलाव लाने की कोशिश की है।

ठाणे के प्रादेशिक मनोचिकित्सालय अस्पताल में हुई इस कार्यशाला में राज्य भर के प्राथमिक स्वास्थ केन्द्र हेल्थ सेंटर, ग्रामीण अस्पताल, उप- जिला और जिला अस्पताल के प्रयोग शाला अधिकारी स्वास्थ अधिकारी और विशेषज्ञ ने हिस्सा लिया। ग्रामीण और शहरी हेल्थ सर्विस के बीच के अंतर को कम करने और मरीज़ों के लिए समय पर और सही चिकित्सा परीक्षण पक्का करने पर खास ज़ोर दिया गया।स्वास्थ विभाग निदेशक डॉ. नितिन अंबाडेकर की अध्यक्षता में हुई इस वर्कशॉप में संयुक्त निदेशक . सुनीता गोलहैत, उप निदेशक डॉ. अशोक नंदपुरकर, क्षेत्रीय मनोचिकित्सालय अस्पताल स्वास्थ अधीक्षक डॉ. नेताजी मुलिक, ठाणे जिला सर्जन डॉ. कैलाश पवार और दूसरे जाने-माने लोग मौजूद थे। लैबोरेटरी सर्विस में रोज़ाना आने वाली दिक्कतों, इक्विपमेंट की अवेलेबिलिटी, मैनपावर की कमी और टेक्निकल सुधारों पर गहराई से चर्चा हुई। इसमें शामिल अधिकारियों ने अपने सीधे अनुभव बताए और असली हालात की तस्वीर पेश की। इस जानकारी के आधार पर तुरंत सुधार और समाधान सुझाने की कोशिश की गई।

इस मौके पर, जाने-माने लोगों ने कहा कि एक मज़बूत लैबोरेटरी सिस्टम मॉडर्न हेल्थकेयर की रीढ़ है। अगर टेस्ट सही समय पर और सही तरीके से किए जाएं, तो मरीज़ों का इलाज ज़्यादा असरदार होता है और हेल्थ सिस्टम पर बोझ भी कम होता है।

इस पहल से ज़मीनी स्तर के हेल्थ इंस्टीट्यूशन को मज़बूत करने, डायग्नोस्टिक सर्विस की क्वालिटी सुधारने और मरीज़ों पर ध्यान देने वाला हेल्थ सिस्टम बनाने को बढ़ावा मिला है। इस तरह की जागरूकता बढ़ाने वाली और प्रोएक्टिव वर्कशॉप से ग्रामीण इलाकों में लोगों के लिए बेहतर क्वालिटी की हेल्थकेयर पाना आसान हो रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / रवीन्द्र शर्मा