किसकी मेहरबानी से मिली सुप्रिया सुले के दामाद को 1200 एकड़ जमीन- अंजलि दमानिया
मुंबई, 08 अक्टूबर (हि.स.)। एनसीपी (एसपी) की सांसद व कार्याध्यक्ष सुप्रिया सुले के दामाद की कंपनी को 1200 एकड़ सरकार जमीन देने के आरोप लगे हैं। सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि दमानिया ने इस पर कड़े सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा है कि आखिर किसकी मेहरबानी से यह किया गया और सिर्फ दो हफ़्ते में दो सरकारी फ़ैसले लेने की इतनी जल्दबाजी क्यों थी? सरकारी ज़मीन देते समय टेंडर प्रक्रिया क्यों नहीं की गई?
अंजलि दमानिया ने सवाल उठाए हैं कि सिक्योरिटी डिपॉजिट क्यों माफ किया गया? उन्होंने कहा कि जून में इसी ज़मीन पर महाऊर्जा के ज़रिए पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप के जरिए ग्रीन एनर्जी पार्क बनाने का फैसला हुआ था। फिर सितंबर में केवल तीन महीने में वही 1200 एकड़ ज़मीन सीधे एक प्राइवेट कंपनी को देने का फ़ैसला क्यों लिया गया? किसके कहने पर यह फ़ैसला बदला गया। दमानिया ने जमीन की 48 साल की लीज़, उसके बाद 48 साल का एक्सटेंशन, सिक्योरिटी डिपॉजिट माफ करने, ग्रुप की कंपनियों को सब-लीज देने की इजाजत और इसके लिए एग्रीकल्चर कॉर्पोरेशन से इजाजत की जरूरत नहीं होने की शर्तों पर भी एतराज जताया है।
दमानिया ने कहा कि जमीन बिकने पर संबंधित कंपनी को पहला हक़ देने की शर्त नहीं मानी जा सकती। सरकारी जमीन सरकार की ही रहनी चाहिए। उन्होंने मांग की है कि सरकार टेंडर निकाले और सबसे अधिक किराया देने वाली कंपनी को जमीन दे, सिक्योरिटी डिपॉजिट ले व सब-लीज और बिक्री में पहले हक की शर्तें रद्द करे।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार

