खेल परिसर और नाट्यगृह के उद्घाटन को लेकर विपक्ष ने सीएम को गुमराह किया: अजीव पाटील
मुंबई, 04 अक्टूबर, (हि. स.)। वसई-विरार में बहुप्रतीक्षित खेल परिसर (क्रीडा संकुल) और नाट्यगृह के उद्घाटन को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। महापौर अजीव पाटील ने रविवार को एक संवाददाता सम्मेलन में दावा किया है कि खेल परिसर और नाट्यगृह का उद्घाटन सभी नियमों का पालन करते हुए और प्रशासन से चर्चा करने के बाद ही आयोजित किया गया था। प्रोटोकॉल के उल्लंघन के भाजपा के आरोपों को खारिज करते हुए महापौर ने यह भी आरोप लगाया कि विपक्ष ने सांसद और मुख्यमंत्री को गलत जानकारी देकर उन्हें गुमराह किया और प्रशासन पर दबाव बनाया।महापौर अजीव पाटील ने बताया कि खेल परिसर और नाट्यगृह की जांच के बाद ही उसका उद्घाटन करने का निर्णय मनपा प्रशासन और उनके बीच हुआ था। इस बात को ध्यान में रखते हुए उन्होंने खुद आयुक्त के साथ इन इमारतों का निरीक्षण भी किया था। प्रोटोकॉल के अनुसार सभी को आमंत्रित करना तय हुआ था। हालांकि, ऐन वक्त पर आयुक्त को बुलेट ट्रेन के कार्यक्रम के सिलसिले में दिल्ली जाना पड़ा, जिसके कारण अतिरिक्त आयुक्त और प्रशासन से चर्चा करके महापौर के हस्ताक्षर से निमंत्रण पत्र भेजने का निर्णय लिया गया। मनपा के अधिकारियों और कर्मचारियों के माध्यम से ये निमंत्रण पहुंचाए गए थे। खुद उपायुक्त ने पालकमंत्री के कार्यालय में जाकर निमंत्रण दिया था। इसके अलावा विधायक राजन नाईक, विधायक स्नेहा दुबे, सांसद हेमंत सवरा, विपक्ष के नेता मनोज पाटील, गुट नेता अशोक शेलके, विधायक निरंजन डावखरे और विधायक रवींद्र फाटक से चर्चा कर उन्हें पत्र के जरिए आमंत्रित किया गया था। इसके बावजूद, भाजपा ने बिना किसी चर्चा के अचानक प्रोटोकॉल का मुद्दा उठाते हुए आपत्ति दर्ज कराई। महापौर ने स्पष्ट किया कि जीआर कोई कानून नहीं है, हमने सभी को सम्मान के साथ आमंत्रित किया था। साथ ही, उन्होंने सवाल उठाया कि एक तरफ काम अधूरा होने की बात कहने वाले विपक्षी नेता आंदोलन के बाद खुद कैसे उद्घाटन कर लेते हैं? अचोले स्थित नाट्यगृह का उद्घाटन होने के बाद विपक्षियों ने आकर नाट्यगृह में चल रहे कार्यक्रम को रुकवाया और दोबारा उद्घाटन किया, इस पर भी उन्होंने आपत्ति जताई। महापौर ने अंत में यह भी उल्लेख किया कि यह पूरा कार्यक्रम नियमानुसार ही हुआ है और यदि इसमें कोई प्रशासनिक अधिकारी दोषी पाया जाता है, तो उस पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि मनपा प्रशासन की प्रक्रिया नियमानुसार थी। जब चर्चा का अवसर था, तो आंदोलन का रास्ता क्यों चुना गया? महापौर ने साफ तौर पर स्पष्ट किया कि विरार के बोलींज स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के लोकार्पण को लेकर विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे आरोप तथ्यों से परे हैं और यह शहर के विकास कार्यों को राजनीतिक रंग देने की कोशिश है।
हिन्दुस्थान समाचार / कुमार

