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विधायक नाईक की पहल से 41 जिला परिषद स्कूलों के विद्यार्थियों को मिलेगी डिजिटल शिक्षा

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विधायक नाईक की पहल से 41 जिला परिषद स्कूलों के विद्यार्थियों को मिलेगी डिजिटल शिक्षा


मुंबई, 29 अक्टूबर, (हि. स.)। नालासोपारा विधानसभा क्षेत्र के जिला परिषद के 41 स्कूलों के विद्यार्थियों को आधुनिक युग की नवीनतम और उन्नत डिजिटल शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। भारतीय जनता पार्टी के नालासोपारा विधानसभा के विधायक राजन नाईक की विधायक निधि से जिला परिषद के इन स्कूलों में डिजिटल कक्षाएं तैयार की गई हैं, जिनका गुरुवार को उद्घाटन किया गया।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रस्तुत की गई नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुसार, स्कूलों को डिजिटल रूप से सक्षम बनाकर तकनीकी रूप से दक्ष छात्र पीढ़ी तैयार करने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। इसी के तहत विधायक राजन नाईक ने नालासोपारा विधानसभा क्षेत्र के जिला परिषद स्कूलों को डिजिटल बनाने का संकल्प लिया है। इसके लिए 41 स्कूलों का चयन किया गया, जहां डिजिटल कक्षाएं तैयार की गईं। इस अनूठी पहल का उद्घाटन गुरुवार को विधायक राजन नाईक के कर-कमलों द्वारा किया गया। इस अवसर पर भाजपा महासचिव मनोज बारोट के साथ जिला नियोजन विभाग के अजय दलवी, सुपरमाइंड संस्था की निदेशिका अश्विनी भालेकर, समीर सालुंके, परियोजना प्रमुख शांतनु पवार, आशीष पाटिल आदि मौजूद थे।इस अवसर पर नेहरू विद्यालय की शिक्षिका रुचिरा सूर्यवंशी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि आज गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए डिजिटल शिक्षा बेहद जरूरी है। छात्रों को स्कूली उम्र में ही डिजिटल तकनीक की पहचान हो सके और शिक्षक भी उन्नत तकनीक के माध्यम से अध्यापन को अधिक प्रभावी बना सकें, इसी उद्देश्य से इन आधुनिक डिजिटल कक्षाओं का निर्माण किया गया है। इसका सीधा लाभ जिला परिषद के स्कूलों में पढ़ने वाले सामान्य परिवारों के बच्चों को मिलेगा। विधायक राजन नाईक ने आश्वासन देते हुए कहा कि हम इन स्कूलों को नगर निगम में शामिल कराने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। जब तक ऐसा नहीं हो जाता, तब तक इन स्कूलों के छात्रों को बुनियादी सुविधाएं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए हम पूरी तरह प्रतिबद्ध रहेंगे।विधायक राजन नाईक ने आगे कहा कि भारत का भविष्य संवारने के लिए केंद्र सरकार के माध्यम से ई-विद्या, वन क्लास वन चैनल, डिजिटल लैब्स, डिजिटल यूनिवर्सिटी जैसे कई कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इस माध्यम से पढ़ाई में रुचि रखने वाले हर छात्र को डिजिटल शिक्षा के जरिए एक सही दिशा मिलेगी। इस दौरान मनोज बारोट ने सभी केंद्र प्रमुखों, प्रधानाध्यापिकाओं और शिक्षकों को सूचित किया कि विधायक निधि के माध्यम से पुणे की सुपरमाइंड संस्था को तीन साल के लिए डिजिटल बोर्ड और अन्य सामग्रियों के रखरखाव की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसलिए, यदि कोई तकनीकी समस्या आती है, तो छात्रों और शिक्षकों को संस्था द्वारा उचित मार्गदर्शन और सहायता प्रदान की जाएगी।

हिन्दुस्थान समाचार / कुमार