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2024 में मतदाता बढ़ने से हार, तो मनपा में जीत के समय वही बढ़े हुए मतदाता सही कैसे : बारोट

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2024 में मतदाता बढ़ने से हार, तो मनपा में जीत के समय वही बढ़े हुए मतदाता सही कैसे : बारोट


-भाजपा महामंत्री ने बविआ पर साधा निशाना

मुंबई, 28 अक्टूबर, (हि. स.)। नालासोपारा विधानसभा क्षेत्र में मतदाताओं की बढ़ती संख्या और चुनावी नतीजों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के जिला महामंत्री मनोज बारोट ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बहुजन विकास आघाड़ी (बविआ) के प्रमुख और पूर्व विधायक हितेंद्र ठाकुर पर निशाना साधा है। बारोट ने ठाकुर के रुख पर दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए सवाल किया है कि क्या 2024 में बढ़े मतदाता फर्जी थे और 2026 मनपा के चुनाव में बढ़े मतदाता सही हैं? उल्लेखनीय है कि बीते दिनों बविआ प्रमुख ने वोट चोरी का आरोप लगाते हुए कहा था कि यदि वोट चोरी नहीं हुई होती तो नालासोपारा और वसई में भाजपा बीता विधानसभा चुनाव कभी नहीं जीत पाती।भाजपा नेता बारोट ने बताया कि वर्ष 2009 के निर्वाचन क्षेत्र पुनर्गठन (परिसिमन) के बाद से नालासोपारा में मतदाताओं की संख्या में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है। इसके साथ ही बविआ के उम्मीदवार क्षितिज ठाकुर को मिलने वाले वोटों का ग्राफ भी लगातार चढ़ता गया। 2024 विधानसभा चुनाव में 89,449 की भारी वृद्धि के साथ कुल मतदाताओं का आंकड़ा 6,08,609 पहुंच गया। हालांकि इस चुनाव में क्षितिज ठाकुर को 1,28,238 वोट मिले और उन्हें भाजपा के राजन नाईक के हाथों पराजय का सामना करना पड़ा। 2024 की हार के बाद, विधानसभा चुनाव से लेकर महानगरपालिका चुनाव की अवधि के बीच मतदाताओं की संख्या में एक बार फिर बड़ा बदलाव आया। इस बढ़ोतरी के बाद हुए महानगरपालिका चुनाव में बहुजन विकास आघाड़ी ने फिर से जीत हासिल की। इस पर भाजपा नेता बारोट ने सवाल उठाया कि 2019 तक बढ़ती हुई मतदाता संख्या सबको स्वीकार थी, लेकिन 2024 में पराजय मिलते ही इस पर वोट चोरी का संदेह व्यक्त किया जाने लगा। बारोट ने पूछा कि क्या 2026 की जीत से पहले हुई मतदाताओं की वृद्धि पर भी बविआ वही शक का पैमाना लागू करेगी?मनोज बारोट ने याद दिलाया कि पिछले 17 वर्षों में इस क्षेत्र में मतदाता संख्या करीब 3 लाख बढ़ी है। खुद तत्कालीन विधायक हितेंद्र ठाकुर ने विधानसभा में कहा था कि वसई-विरार क्षेत्र दुनिया में सबसे तेजी से जनसंख्या वृद्धि दर्ज करने वाले क्षेत्रों में से एक है, तो स्वाभाविक रूप से जनसंख्या के साथ मतदाता भी बढ़ेंगे। बारोट ने तंज कसते हुए कहा कि 2024 के विधानसभा चुनाव में बविआ को वसई (हितेंद्र ठाकुर), नालासोपारा (क्षितिज ठाकुर) और बोईसर (राजेश पाटील) तीनों सीटों पर हार मिली थी। लेकिन पूरी पार्टी की हार को छोड़कर केवल नालासोपारा के नतीजों पर मतचोरी का आरोप लगाना यह दिखाता है कि पूर्व विधायक को एकत्रित बहुजन विकास आघाड़ी से ज्यादा सिर्फ अपने बेटे के राजनीतिक भविष्य की चिंता है।

हिन्दुस्थान समाचार / कुमार