ठाणे ज़िला परिषद, ई-गवर्नेंस प्रोग्राम में राज्य में तीसरे स्थान पर
मुंबई, 29 मार्च (हि. स.) । महाराष्ट्र राज्य सरकार द्वारा लागू किए गए 150-दिन के ई-गवर्नेंस सुधार प्रोग्राम के तहत, राज्य के अलग-अलग सरकारी दफ़्तरों के कामकाज का मूल्यांकन किया गया, और ज़िला परिषद ठाणे ने राज्य में तीसरा स्थान हासिल किया है। इसी पृष्ठभूमि में, आज, 28 मार्च, 2026 को, मुंबई में मालाबार हिल के सह्याद्री गेस्ट हाउस में, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुख्य कार्यकारी अधिकारी रंजीत यादव को प्रमुख कार्यालय अधिकारी के तौर पर प्रशंसा पत्र दिया। इस मौके पर सांस्कृतिक कार्य और सूचना तकनीकी मंत्री आशीष शेलार, मुख्य सचिव राजेश कुमार और बड़ी संख्या में अधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे।
इस कार्यक्रम के मौके पर ठाणे जिला परिषद मुख्य कार्यकारी अधिकारी रंजीत यादव ने बताया कि “यह पूरे प्रशासन के लिए गर्व की बात है कि ज़िला परिषद ठाणे ने ई-गवर्नेंस सुधार कार्यक्रम में राज्य में तीसरा स्थान हासिल किया है। हम डिजिटल प्रशासन के ज़रिए पारदर्शी , सक्रिय और लोगों को ध्यान में रखकर सेवा देने की दिशा में लगातार कोशिश कर रहे हैं।
इस इवैल्यूएशन में, ज़िला परिषद ठाणे ने 7 ज़रूरी निर्धारित स्थानों पर शानदार प्रस्तुति दर्ज की है, जैसे कार्यालय का अधिकृत वेबसाइट सिस्टम, ‘आपले सरकार’ सिस्टम, ई-ऑफिस, ऑफिस डैशबोर्ड, व्हाट्सएप चैटबॉट, ए आई और ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल और जीआईएस सिस्टम का असरदार इस्तेमाल। डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में उठाया गया यह कदम ज़िला परिषद ठाणे के नए तरीके का सबूत है।
इस प्रोग्राम के तहत, ज़िला परिषद ठाणे की अधिकृत वेबसाइट पर बड़े पैमाने पर और नागरिकों के लिए सुधार किए गए। इस पहल का मुख्य मकसद सरकारी सेवाओं को सभी के लिए पारदर्शी, आसान, सुरक्षित और आसानी से उपलब्ध कराना था।
जिला परिषद ठाणे इस योजना के तहत मिली 99 प्रतिशत शिकायतों को असरदार तरीके से हल करने में सफल रही है ‘आपले सरकार’ शिकायत पोर्टल पर समय सीमा के अंदर शिकायतों का समाधान किया गया है। ग्रामीण विकास विभाग द्वारा दी जाने वाली विभिन्न सरकारी सेवाएं होम डिलीवरी सर्विसेज़ पहल के तहत सीधे नागरिकों तक पहुंचाई गई हैं। इस पहल के कारण, नागरिकों को अब सर्टिफिकेट, सरकारी सेवाएं और लाभ प्राप्त करने के लिए कार्यालय के बार-बार चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं है। ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों के नागरिकों को विशेष राहत मिली है और वे समय, लागत और श्रम की बचत कर रहे हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / रवीन्द्र शर्मा

