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रायगढ़-रत्नागिरी सीट से ठाकरे गुट के माने लड़ेगे चुनाव

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मुंबई, 31 मई (हि.स.)। विधान परिषद की निकाय संस्थाओं की 17 सीटों के चुनाव में नामांकन पत्र भरने की सोमवार को आखिरी तारीख है। कोंकण की रायगढ़- सिंधुदुर्ग-रत्नागिरी सीट से महाविकास आघाड़ी में शिवसेना (यूबीटी) के पूर्व विधायक सुरेंद्र उर्फ बाला माने चुनाव लड़ेंगे। वे सोमवार को अपना नामांकन भरेंगे। इधर सत्तारूढ़ महायुति के घटक दल शिवेसना (शिंदे गुट) और एनसीपी (एपी) में चल रहा टकराव भी खत्म हो गया है। सूत्रों की मानें तो इस सीट से महायुति की ओर से एनसीपी के अनिकेत तटकरे के नाम पर सहमति बनी है।

विधान परिषद की रायगढ़- सिंधुदुर्ग-रत्नागिरी सीट को लेकर महायुति में शिवसेना (शिंदे गुट) और एनसीपी (एपी) में अंदरूनी खींचतान जारी थी। पहले इस सीट से एनसीपी के वरिष्ठ नेता व सांसद सुनील तटकरे के बेटे अनिकेत तटकरे एमएलसी थे। इसलिए एनसीपी यह सीट छोड़ने को तैयार नहीं थी। जबकि शिंदे सेना इस सीट से अपनी दावेदारी छोड़ने को तैयार नहीं थी। सुनील तटकरे और अनिकेत तटकरे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की, इसके बाद आपसी सहमति बनी है। इसके बदले शिंदे गुट के विधायक भरत गोगावले का रायगढ़ के पालकमंत्री बनने का रास्ता साफ हो गया है। इससे पहले रायगढ़ के पालक मंत्री को लेकर महिला व बाल कल्याण मंत्री अदिति तटकरे और गोगावले के बीच टकराव चल रहा था। इधर महाविकास आघाड़ी में शिवसेना (यूबीटी) के पूर्व विधायक सुरेंद्र उर्फ बाला माने के नाम पर सहमति बनी है। अभी दोनों पक्षों की ओर से उम्मीदवारों के नाम की अधिकृत घोषणा नहीं की गई है। सूत्रों के अनुसार इन नामों पर सहमति बन गई है। ठाकरे गुट के सुरेंद्र माने आज सोमवार को अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे।

महाविकास आघाड़ी के सीट बंटवारे में यूबीटी के हिस्से रायगढ़-रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग, जलगांव, परभणी-हिंगोली और छत्रपति संभाजीनगर-जालना यह चार सीटें आई हैं। माने मूल रूप से भाजपा से हैं। वह साल 1999 में रत्नागिरी सीट से विधायक चुने गए थे। साल 2024 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले वे भाजपा छोड़कर शिवसेना (यूबीटी) में शामिल हो गए थे। यूबीटी ने उन्हें रत्नागिरी से विधानसभा की उम्मीदवारी दी थी। लेकिन वे चुनाव हार गए थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार