मुंबई में रविवार को ठाकरे बंधुओं का गर्जना मोर्चा
मुंबई, 03 अक्टूबर (हि.स.)। केंद्रीय चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार गुप्ता के खिलाफ और लोकतंत्र व संविधान की रक्षा के लिए रविवार 4 अक्टूबर को शिवसेना (यूबीटी) व मनसे ने गर्जना मोर्चा की घोषणा की है। मेट्रो सिनेमा से मुंबई मनपा मुख्यालय तक निकाले जाने वाले इस मोर्चे के लिए जोरदार तैयारियां की गई हैं। इसमें कांग्रेस औऱ एनसीपी (एसपी) भी शामिल होंगे।
कुछ दिनों बाद उद्धव और राज ठाकरे फिर एक साथ नजर आएंगे। दोनों भाईयों ने राज्य के विभिन्न राजनीतिक दलों को मोर्चे में शामिल होने का आह्वान किया है। मोर्चे में राजनीतिक दलों के झंडों के बजाय तिरंगा लेकर चलने की अपील की गई है। राज ने 'गर्जना' मोर्चा की तैयारियों को लेकर शनिवार को अपने आवास 'शिवतीर्थ' पर पार्टी नेताओं के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने पार्टी के शीर्ष नेताओं और पदाधिकारियों को मोर्चे के सफल आयोजन व भीड़ प्रबंधन को लेकर विशेष दिशा-निर्देश दिए हैं। मोर्चे के दौरान अनुशासन व सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए मनसे ने 150 से अधिक कार्यकर्ताओं की एक विशेष टीम तैयार की है। यह टीम किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकने और व्यवस्था संभालने का काम करेगी। ठाकरे सेना के सांसद संजय राऊत ने बताया कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के उद्देश्य से निकाले जा रहे इस 'गर्जना' मोर्चे को महाविकास आघाड़ी के सहयोगी दलों सहित राज्य के अन्य प्रमुख विपक्षी दलों ने अपना खुला समर्थन दिया है।
इस गर्जना मोर्चे को ठाकरे बंधुओं के शक्ति प्रदर्शन के रूप में भी देखा जा रहा है। पहले यह मोर्चा भायखला के रिचर्डसन एंड क्रूडास गेट से निकलकर बीएमली मुख्यालय तक जाने वाला था। लेकिन सुरक्षा संबंधी चिंता के कारण मुंबई पुलिस के अनुरोध के बाद दोनों दलों के नेताओं ने मोर्चे का मार्ग बदलने का फैसला किया। अब मोर्चा मेट्रो सिनेमा से मुंबई मनपा मुख्यालय तक निकाला जाएगा। इसके बाद मनपा मुख्यालय के सामने मोर्चा जनसभा में बदल जाएगा, जहां ठाकरे बंधु और अन्य नेता जनसभा को संबोधित करेंगे। ठाकरे सेना और मनसे ने मोर्चे को सफल बनाने की जोरदार तैयारियां की हैं। इलाके में पुलिस का भारी बंदोबस्त किया गया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार

