सेस इमारतों का बायोमेट्रिक सर्वे का टेंडर रद्द
मुंबई, 25 अक्टूबर (हि.स.)। दक्षिण मुंबई स्थित लगभग 13 हजार सेस इमारतों में रहने वाले निवासियों की पात्रता तय करने की योजना फिलहाल रूक गई है। मुंबई इमारत मरम्मत व पुनर्रचना बोर्ड द्वारा सर्वे कंपनी नियुक्त करने के लिए निकाली गई टेंडर प्रक्रिया रद्द कर दी गई है। केवल एक ही कंपनी के आगे आने के कारण इसे आधिकारिक तौर पर रद्द करना पड़ा है।
म्हाडा प्रशासन ने अब टेंडर की शर्तों और नियमों में जरूरी बदलाव कर अगले 15 दिनों के भीतर नए सिरे से निविदा जारी करने का फैसला किया है। सेस वाली पुरानी और जर्जर इमारतों के पुनर्विकास की राह देख रहे हजारों परिवारों के लिए सटीक बायोमेट्रिक डाटा तैयार करना बेहद जरूरी कदम माना जा रहा है। इसी काम को पेशेवर तरीके से पूरा करने के लिए मरम्मत बोर्ड ने एजेंसी के चयन के लिए टेंडर निकाला था। करीब 15 दिन पहले खोली गई इस निविदा में बाजार से अच्छा प्रतिसाद नहीं मिला। केवल एक कंपनी ने बोली के लिए आवेदन किया। सरकारी नियमों के तहत एकल टेंडर को मंजूरी नहीं दी जा सकती थी। इसके चलते पूरी प्रक्रिया तत्काल प्रभाव से रद्द करनी पड़ी।
दक्षिण मुंबई की 13 हजार पुरानी इमारतों का पुनर्विकास लंबे समय से अटका हुआ है। म्हाडा की नई पुनर्विकास नीति की धारा 79 (ए) और (बी) के खिलाफ मकान मालिकों के अदालत जाने से यह मामला विचाराधीन है। इससे पहले भी जब म्हाडा ने पात्रता तय करने के लिए सर्वे शुरू किया था, तब स्थानीय निवासियों और मकान मालिकों ने कानूनी अधिकार पर सवाल उठाते हुए काम रुकवा दिया था। हालांकि म्हाडा पात्रता निर्धारण के अपने फैसले पर कायम है।
म्हाडा द्वारा प्रस्तावित बायोमेट्रिक सर्वे के जरिए दक्षिण मुंबई के इस पूरे इलाके का एक विस्तृत और पुख्ता डाटाबेस तैयार किया जाएगा। इसके तहत कुल कितनी उपकर प्राप्त इमारतें मौजूद हैं, उनमें घरों की वास्तविक संख्या कितनी है, कितने परिवार और लोग वहां रह रहे हैं तथा प्रत्येक घर का कुल क्षेत्रफल कितना है, जैसी तमाम जानकारियां जुटाई जाएंगी। यह पूरा ब्योरा डिजिटल फॉर्मेट में म्हाडा की आधिकारिक वेबसाइट पर सार्वजनिक रूप से दर्ज किया जाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार

