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सीएम फडणवीस के साथ दस हजार विद्यार्थियों से बने बप्पा, गिनीज ऑफ़ रिकार्ड बना

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सीएम फडणवीस के साथ दस हजार विद्यार्थियों से बने बप्पा, गिनीज ऑफ़ रिकार्ड बना


मुंबई , 10 सितंबर (हि. स.) l मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आज यहां कहा कि गणेश चतुर्थी की शान से ज़्यादा भक्ति और एनवायरनमेंट बचाना ज़रूरी है, और यह हम सबकी ज़िम्मेदारी है कि हम गणेशोत्सव जैसे त्योहार को, जो कल्चरल हेरिटेज को बचाए रखता है, एनवायरनमेंट-फ्रेंडली तरीके से मनाएं।

वे वाशी में सीडको सिडको एग्ज़िबिशन और कन्वेंशन सेंटर में ऑर्गनाइज़ 'एनवायरनमेंट-फ्रेंडली महा गणेश चतुर्थी वर्कशॉप 2026' में बोल रहे थे। इस बड़ी वर्कशॉप में, 10,000 से ज़्यादा स्टूडेंट्स ने एक साथ शाडू मिट्टी से इको-फ्रेंडली गणेश की मूर्तियां बनाईं, जिससे महाराष्ट्र के लिए गिनीज़ बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में गोल्ड लेटर्स में एक नया वर्ल्ड रिकॉर्ड बना।इस ऐतिहासिक इवेंट में एनवायरनमेंट और क्लाइमेट चेंज मिनिस्टर पंकजा मुंडे, फॉरेस्ट मिनिस्टर गणेश नाइक, महाराष्ट्र पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के चेयरमैन सिद्धेश कदम,विधायक मंदा म्हात्रे, विधायक रवींद्र फाटक, एनवायरनमेंट और क्लाइमेट चेंज डिपार्टमेंट की सेक्रेटरी श्रीमती जयश्री भोज, नवी मुंबई की मेयर सुजाता पाटिल, नवी मुंबई म्युनिसिपल कमिश्नर कैलाश शिंदे, ठाणे डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर डॉ. श्रीकृष्ण पांचाल और डायरेक्टरेट ऑफ़ आर्ट्स के डायरेक्टर डॉ. नितिन इंगले के साथ कई दूसरे बड़े लोग शामिल हुए।इस मौके पर मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि गणेश ज्ञान के देवता हैं और हमारी संस्कृति में एनवायरनमेंट का बहुत महत्व है। अगर ब्रह्मांड को बनाने वाले पांच तत्वों की सुरक्षा की जाए, तभी इंसानी जीवन सुरक्षित रह सकता है। बड़ी गणेश मूर्तियों, प्लास्टर ऑफ पेरिस और नकली रंगों से पानी के सोर्स को होने वाले नुकसान से बचने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि मूर्ति छोटी हो या बड़ी, भक्ति एक जैसी ही होती है। भगवान का आशीर्वाद मूर्ति के साइज़ पर निर्भर नहीं करता, बल्कि इस बात पर निर्भर करता है कि हम पर्यावरण और समाज की कितनी निस्वार्थ सेवा करते हैं।जैसे ही गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के जजों ने रिज़ल्ट घोषित किए, मुख्यमंत्री ने हिस्सा लेने वाले स्टूडेंट्स की तारीफ़ करते हुए कहा कि इस सफलता की असली चाबी वे ही हैं। उन्होंने पर्यावरण मंत्री पंकजा मुंडे, पर्यावरण विभाग, जे. जे. स्कूल ऑफ़ आर्ट और कला निदेशालय के प्रयासों की भी तारीफ़ की।स्टूडेंट्स को बधाई देते हुए पर्यावरण मंत्री पंकजा मुंडे ने कहा कि शाडू मिट्टी से बप्पा बनाने वाले इन हज़ारों स्टूडेंट्स ने खुद को 'पर्यावरण के रक्षक' के तौर पर साबित किया है। इस पहल का मुख्य मकसद संस्कृति को बचाते हुए पर्यावरण की रक्षा का यह संदेश घर-घर तक पहुंचाना है।ढोल-नगाड़ों की मंगल ध्वनि और मूर्तिकारों के मार्गदर्शन में पूरा इलाका भक्तिमय हो गया। इस वर्कशॉप का मेन अट्रैक्शन यह था कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और एनवायरनमेंट मिनिस्टर पंकजा मुंडे ने खुद अपने हाथों में मिट्टी लेकर गणेश की मूर्ति बनाई। राज्य के टॉप लीडरशिप को अपने साथ मूर्ति बनाते देख स्टूडेंट्स का जोश चरम पर पहुंच गया। इस पहल ने पूरे समाज को एक मज़बूत और प्रैक्टिकल मैसेज दिया कि अगर हम खुद यह कर सकते हैं, तो हर परिवार भी इको-फ्रेंडली बप्पा बना सकता है।

यह वर्ल्ड रिकॉर्ड और एनवायरनमेंट बचाने की अलख जगाने वाला प्रोग्राम स्कूल-कॉलेज के स्टूडेंट्स, आर्ट के फील्ड के एक्सपर्ट्स, प्रोफेसर्स और हज़ारों गणेश भक्तों की मौजूदगी में बहुत जोश के साथ पूरा हुआ।

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हिन्दुस्थान समाचार / रवीन्द्र शर्मा